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एल्विश यादव की मुश्किलें बढ़ी, साँप का जहर सप्लाई करने वाले तस्करों से जुड़ा संपर्क, वर्चुअल नंबर के इस्तेमाल की बात आई सामने

बिग बॉस ओटीटी 2 के विजेता एल्विश यादव के खिलाफ नोएडा पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। चार्जशीट में नोएडा पुलिस ने कहा है कि एल्विश का जेल भेजे गए सपेरे से संपर्क था। आरोपी साँपों की खरीद-फरोख्त के काले धंधे में शामिल था।

ओटीटी बिग बॉग 2 के विनर यूट्यूबर एल्विश यादव की मुश्किलों का अंत नहीं हुआ है। साँपों के जहर की तस्करी और रेव पार्टी मामले में अब नोएडा पुलिस ने 1200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। इस चार्जशीट को यूट्यूबर एल्विश यादव समेत आठ लोगों के खिलाफ दाखिल किया गया है।

चार्जशीट में नोएडा पुलिस ने कहा है कि एल्विश का जेल भेजे गए सपेरा से संपर्क था। आरोपित साँपों की खरीद-फरोख्त के काले धंधे में शामिल था। एल्विश यादव को कोबरा कांड केस में 17 मार्च को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप था कि वो रेव पार्टियों में साँप और साँपों के जहर को सप्लाई करते हैं।

नोएडा पुलिस ने कोर्ट में 1200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर कई चौकाने वाले खुलासे किए हैं। इसमें नोएडा पुलिस ने बताया कि यूट्यूबर एल्विश यादव सांपों और उसके जहर के लिए एक वर्चुअल नंबर का इस्तेमाल करता था। चार्जशीट में बताया गया है कि एल्विश को जब पार्टी आयोजित करनी होती थी और उसे साँपों और जहर की जरूरत होती थी तो वह अपने साथी विनय को वर्चुअल नंबर से कॉल करता था। विनय इसके बाद अपने करीबी ईश्वर को कॉल करता है। ईश्वर का संपर्क राहुल समेत अन्य सपेरों से था। इसी आधार पर पुलिस ने सारी कड़ियाँ जोड़ी हैं।

एल्विश की गिरफ्तारी के बाद नोएडा पुलिस ने उसके साथी विनय और ईश्वर को भी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। तीनों को बाद में जमानत मिल गई थी।

इस मामले की जाँच के दौरान पुलिस की टीम ने एल्विश के कॉल डिटेल और सोशल मीडिया अकाउंट को खंगाला। जब उसके खिलाफ नोएडा पुलिस को पर्याप्त सबूत मिल गए तो पुलिस ने उसे नोटिस देकर पूछताछ के लिए दोबारा बुलाया। पूछताछ के बाद उसे नोएडा से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। वह पाँच दिन तक जेल में रहा। हालाँकि, होली के पहले उसे इस मामले में अदालत से जमानत मिल गई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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