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जिस पान को खाकर सब बनाते हैं रील, उसे खाने पर 12 साल की बच्ची के पेट में क्यों हुआ छेद; क्यों काटना पड़ा पेट का बड़ा हिस्सा: जानिए सब कुछ

स्मोकी पान खाने की वजह से बच्ची के पेट में बड़ा सा छेद हो गया था। इस छेद की वजह से बच्ची दर्द में कराह रही थी। फौरन डॉक्टरों ने उसका इलाज किया और उसके पेट का एक बड़ा हिस्सा बाहर निकाला गया।

सोशल मीडिया पर आपने अक्सर देखा होगा कि स्मोकी पान खाने के लिए लंबी कतारें लगती हैं। लोग डर-डर करके खाते हैं लेकिन एक बार इसे ट्राय जरूरत करते हैं। कारण सिर्फ इंस्टाग्राम की रील्स पर भौकाल बनाना होता है। लेकिन, क्या आपको पता है कि सोशल मीडिया पर एक रील के लिए चबाए जाने वाले इस पान के परिणाम कितने घातक हो सकते हैं… अगर नहीं जानते तो आपको बेंगलुरु में 12 साल की बच्ची के साथ हुई घटना पढ़नी चाहिए।

बेंगलुरु में एक 12 साल की बच्ची अपने माता-पिता के साथ एक शादी में गई थी। शादी में खाने की वैरायटी में एक जगह स्मोकी पान भी था। बच्ची ने देखा तो उसकी खाने की भी इच्छा हुई। बच्ची गई और उसे एक सामान्य खाने की चीज समझ खा गई। थोड़ी देर बाद जब उसके पेट में दर्द शुरू हुआ तो किसी को कुछ समझ नहीं आया। घरवाले फौरन उसे अस्पताल लेकर भागे।

अस्पताल जाकर डॉक्टर ने उसके पेट का चेक अप किया। बाहर से कुछ न पता चलने पर इंट्राऑपरेटिव ओजीडी स्कोपी हुई। रिपोर्ट देख पता चला कि बच्ची के पेट में ज्यादा लिक्विड नाइट्रोजन चले जाने से उसके पेट में बड़ा सा (4.5 सेंटींमीटर) छेद हो गया है, जिसका इलाज ऑपरेशन से ही होगा… फिर क्या? घरवालों ने जल्द से जल्द ऑपरेशन करने की अनुमति दी और डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। ऑपरेशन के बाद अब लड़की खतरे से बाहर है लेकिन उसके एक स्मोकी पान खाने से उसके पेट का एक बड़ा हिस्सा डॉक्टरों को काटकर बाहर करना पड़ा।

मालूम हो कि आजकल खाने को अट्रैक्टिव दिखाने के लिए उसमें से धुआँ निकालने के लिए लिक्विड नाइट्रोजन का प्रयोग होता है। आप देखेंगे कि आइसक्रीम हो, पान हो, ओरियो का बिस्किट हो या फिर भी कोई भी अन्य चीज हो…लोगों ने लिक्विड नाइट्रोजन के इस्तेमाल को आम बना दिया है। जबकि मेडिकली देखें तो डॉक्टर इसका प्रयोग करने से सख्त मना करते हैं।

डॉक्टर बताते हैं कि लिक्विड नाइट्रोजन पेट के अंदर जाने से शरीर को काफी नुकसान होता है। ऊपर से यदि इसे तरल मात्रा में दिया जाए तो इसके और भी अधिक गंभीर परिणाम होते हैं। एक रिजल्ट तो आपने बच्ची का पढ़ा ही। इसके अलावा इसके सेवन से लोगों में सांस की दिक्कत बढ़ जाती है क्योंकि इसके वाष्प से ये सांस लेने वाले टिशू को डैमिज करता है और सांस लेने में कठिनाई पैदा करता है। इसी तरह स्किन पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है।

लोग ऐसे खतरनाक पदार्थ को शादी-पार्टियों में आम बना रहे हैं जो कि सोचने का विषय है। साल 2017 में भी गुरुग्राम से एक घटना सामने आई थी जब एक शख्स ने लिक्विड नाइट्रोजन वाली कॉकटेल पी थी। इसके बाद उसे काफी स्वास्थ्य समस्याएँ झेलनी पड़ी थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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