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ब्रिटेन में 16 साल में पाकिस्तानियों ने किया सैकड़ों लड़कियों का रेप, 14 साल की लड़की को शिकार बनाने वाले वाजिद को 20 साल बाद सज़ा: 1400+ पीड़िताएँ आईं सामने

पीड़िता ने लगभग 20 साल तक अपनी पीड़ा को छिपाए रखा और चुप रही। हालाँकि, 2021 में उसने 'ऑपरेशन स्टोववुड' टीम के सामने आकर अपनी आपबीती सुनाई। पीड़िता के साहस और उसके बयान के आधार पर वलीद अली को गिरफ्तार किया गया और उस पर मुकदमा चलाया गया।

ब्रिटेन के रोथरहैम शहर में दो दशक पहले 14 वर्षीय किशोरी के साथ किए गए जघन्य अपराध के मामले में 42 वर्षीय वलीद अली को सजा सुनाई है। यह मामला ब्रिटेन के सबसे बड़े बाल यौन शोषण की जाँच ‘ऑपरेशन स्टोववुड’ के तहत सामने आया, जो 1997 से 2013 के बीच रोथरहैम में हुए ऐतिहासिक यौन शोषण मामलों की पड़ताल कर रहा है, जिसमें पाकिस्तानी मूल के यौन अपराधियों ने सैकड़ों लड़कियों का रेप किया और उन्हें धमकाकर उनका मुँह बंद रखा।

यूके की नेशनल क्राइम एजेंसी के मुताबिक, यह दर्दनाक घटना 2003 और 2004 के बीच की है, जब वलीद अली, जो उस समय अपने शुरुआती 20 के दशक में था, ने 14 साल की लड़की को रोथरहैम के टाउन सेंटर में एक पानी के फव्वारे के पास अकेले बैठे देखा। अली ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर उस लड़की से संपर्क किया और उसे एक नजदीकी गली में चलने के लिए कहा। जब लड़की ने मना किया, तो अली ने उसका हाथ पकड़कर उसे जबरन उठाने की कोशिश की।

अली और उसके साथियों की मौजूदगी से डरकर लड़की को गली में जाना पड़ा, जहाँ अली ने उससे बलात्कार किया। यह गली लोगों की नजर से दूर थी, जिसकी वजह से उसे कोई देख नहीं पाया। वलीद ऐसे मामलों का पुराना अपराधी रहा है। उसने उसी दौरान एक और लड़की का रेप किया था, जिसमें वो जेल की सजा काट चुका है।

इस भयावह घटना के बाद, पीड़िता ने लगभग 20 साल तक अपनी पीड़ा को छिपाए रखा और चुप रही। हालाँकि, 2021 में उसने ‘ऑपरेशन स्टोववुड‘ टीम के सामने आकर अपनी आपबीती सुनाई। पीड़िता के साहस और उसके बयान के आधार पर वलीद अली को गिरफ्तार किया गया और उस पर मुकदमा चलाया गया।

शेफ़ील्ड क्राउन कोर्ट ने शुक्रवार (13 सितंबर 2024) को वलीद अली को 14 साल की लड़की के साथ बलात्कार के मामले में दोषी करार दिया। वलीद को 5 साल की सजा सुनाई गई है। अदालत ने उसे 13 साल की सजा सुनाई। इसके पहले, अली को 2003 में 13 साल की एक अन्य लड़की के साथ बलात्कार और यौन उत्पीड़न के मामले में भी दोषी ठहराया जा चुका है। उस मामले में भी अपराध उसी गली में हुआ था।

साउथ यॉर्कशायर पुलिस और नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) की ‘ऑपरेशन स्टोववुड’ जांच टीम ने इस मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस मामले के वरिष्ठ जाँच अधिकारी, स्टुअर्ट कॉब ने कहा, “पीड़िता ने 21 साल तक अपनी पीड़ा को दबाए रखा, लेकिन उनके साहस और हमारे जाँच कार्य ने सुनिश्चित किया कि अपराधी को सजा मिले। हम सभी पीड़ितों को यह संदेश देना चाहते हैं कि वे अपनी आपबीती साझा करें और पुलिस से संपर्क करें।”

ऑपरेशन स्टोववुड: बाल यौन शोषण की सबसे बड़ी जाँच

‘ऑपरेशन स्टोववुड’ ब्रिटेन में बाल यौन शोषण के मामलों की सबसे बड़ी जाँच है, जो रोथरहैम में 1997 से 2013 के बीच हुए सैकड़ों यौन शोषण मामलों की पड़ताल कर रहा है। इस जाँच में अब तक कई आरोपित दोषी पाए गए हैं, जिनमें से दर्जनों को सजा हो चुकी है।

रिपोर्टों के अनुसार, 1997 से 2013 के बीच रोथरहैम में 1,400 से अधिक लड़कियों का यौन शोषण हुआ था। इस अपराध के पीछे मुख्य रूप से पाकिस्तान मूल के गिरोहों का हाथ बताया गया है। अब तक की जाँच में 1,100 से अधिक पीड़ितों की पहचान की जा चुकी है और जाँच प्रक्रिया 2027 तक जारी रहने की उम्मीद है। पुलिस और न्यायिक एजेंसियाँ इस काम में लगी हैं ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और अपराधियों को सजा दी जा सके।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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