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140 यात्रियों की बची जान, 3 घंटे बाद खराब विमान लैंड हुआ: उड़ान भरते ही फ्लाइट के हाइड्रोलिक सिस्टम में आई थी खराबी, नीचे खड़ी थी 20+ एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड

घटना के वक्त इस विमान में कुल 141 यात्री सवार थे। इमरजेंसी लैंडिंग से पहले विमान ने कुल 21 चक्कर काटे। यात्रियों को इसकी वजह नहीं बताई गई। विमान के कैप्टन ने सिर्फ इतना अनाउंस किया कि विमान में तकनीकी खराबी है और कुछ देर में दुबारा लैंडिंग करेंगे। विमान से उतरने के बाद यात्रियों को पता चला कि फ्लाइट की हाइड्रोलिक गियर खराब हो गया था।

तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली हवाई अड्डे से शारजाह के लिए उड़ान भरने वाली वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट का हाइड्रोलिक होने के बाद इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। दरअसल, शुक्रवार (11 अक्टूबर 2024) की शाम को उड़ान भरने के थोड़ी ही देर बाद ही विमान का हाइड्रोलिक गियर खराब हो गया। इसके बाद आपात स्थिति में इसकी लैंडिंग हुई। इस विमान में कुल 141 यात्री सवार थे। 

हाइड्रोलिक में खराबी का पता चलते ही फ्लाइट की आपातकालीन लैंडिंग कराने की कोशिश की गई। इसके लिए ईंधन को कम करना जरूरी था। इस कारण विमान करीब 2 घंटे तक शहर का गोल-गोल चक्कर काटता रहा। ईंधन कम होने के बाद विमान की सुरक्षित लैंडिंग करवाई गई। इसको लेकर एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बयान भी जारी किया है।

एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने बयान में कहा कि वह तिरुचिरापल्ली-शारजाह मार्ग पर संचालित होने वाली उड़ान से संबंधित मीडिया रिपोर्टों से अवगत हैं। उसने कहा कि विमान के ऑपरेटिंग क्रू द्वारा किसी इमरजेंसी की घोषणा नहीं की गई थी। विमानन कंपनी ने यह भी बताया है कि विमान को बार-बार चक्कर क्यों लगवाया गया था।

कंपनी ने बताया कि सुरक्षित लैंडिंग से पहले विमान ने एक निर्दिष्ट क्षेत्र में कई बार चक्कर लगाए। ऐसा रनवे की लंबाई को ध्यान में रखते हुए विमान के ईंधन और वजन को कम करने के लिए किया गया। कंपनी ने कहा कि इस घटना या गड़बड़ी के कारणों की विस्तृत जाँच की जाएगी। वहीं, यात्रियों के लिए वैकल्पिक विमान की व्यवस्था करने की बात भी कही।

त्रिची के कलेक्टर ने कहा कि इससे पहले विमान को हल्का करने के लिए ईंधन गिराने पर विचार किया जा रहा था। हालाँकि, ऐसा नहीं किया गया क्योंकि विमान आवासीय क्षेत्रों के ऊपर चक्कर लगा रहा था। जिला कलेक्टर ने कहा, “एहतियाती उपाय के तौर पर हमने एम्बुलेंस और बचाव दल को स्टैंडबाय पर रखा है।”

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा है कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) हाइड्रोलिक विफलता के कारण का पता लगाने के लिए उस विमान की जाँच करेगा। बता दें कि उड़ान में हाइड्रोलिक फेल तब होती है जब लैंडिंग गियर, ब्रेक और फ्लैप जैसे महत्वपूर्ण भागों को नियंत्रित करने के लिए दबावयुक्त तरल पदार्थ का उपयोग करने वाली प्रणाली ठीक से काम करना बंद कर देती है।

घटना के वक्त इस विमान में कुल 141 यात्री सवार थे। इमरजेंसी लैंडिंग से पहले विमान ने कुल 21 चक्कर काटे। यात्रियों को इसकी वजह नहीं बताई गई। विमान के कैप्टन ने सिर्फ इतना अनाउंस किया कि विमान में तकनीकी खराबी है और कुछ देर में दुबारा लैंडिंग करेंगे। विमान से उतरने के बाद यात्रियों को पता चला कि फ्लाइट की हाइड्रोलिक गियर खराब हो गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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