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AAP ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए निकाली पहली लिस्ट, आधे से ज्यादा बाहरी नाम, 3 दिन पहले वाले को भी टिकट: 2 पर कस चुका ED का शिंकजा

AAP द्वारा घोषित किए गए 11 उम्मीदवारों में से 6 कॉन्ग्रेस या भाजपा से आए हुए नेता हैं। उन्होंने हाल ही में AAP की सदस्यता ली है। यह उम्मीदवार ब्रह्म सिंह तंवर, सोमेश शौक़ीन, अनिल झा, जुबैर अहमद, बीबी त्यागी और वीर सिंह धींगन हैं।

आम आदमी पार्टी (AAP) ने आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव के ऐलान से काफी दिन पहले ही उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल फरवरी, 2025 में पूरा हो रहा है। AAP की पहली लिस्ट में 11 उम्मीदवारों का नाम दिया गया है। इस लिस्ट में शामिल कई उम्मीदवार पार्टी में बाहर से आए हैं। कुछ को प्रवर्तन निदेशालय ED) के एक्शन का भी सामना करना पड़ा है। पार्टी की पहली लिस्ट में भाजपा और कॉन्ग्रेस, दोनों ही पार्टियों से आने वालों को टिकट थमाया गया है।

गुरुवार (21 नवम्बर, 2024) को जारी की गई AAP की लिस्ट में छतरपुर से ब्रह्म सिंह तंवर, बदरपुर से राम सिंह नेताजी, लक्ष्मी नगर से बीबी त्यागी, सीलमपुर से जुबैर अहमद, सीमापुरी से वीर सिंह धींगन, रोहतास नगर से सरिता सिंह, घोंडा से गौरव शर्मा, विश्वासनगर से दीपक सिंगला, करावल नगर से मनोज त्यागी, किराड़ी से अनिल झा जबकि मटियाला से सुमेश शौक़ीन को आम आदमी पार्टी ने अपना उम्मीदवार घोषित किया गया है।

AAP द्वारा घोषित किए गए 11 उम्मीदवारों में से 6 कॉन्ग्रेस या भाजपा से आए हुए नेता हैं। उन्होंने हाल ही में AAP की सदस्यता ली है। छतरपुर से उम्मीदवार बनाए गए ब्रह्म सिंह तंवर ने 1 नवम्बर, 2024 को ही AAP की सदस्यता ली थी। वह इससे पहले तीन बार भाजपा के विधायक रह चुके थे। वह 1993, 1998 और 2013 में भाजपा के टिकट से चुनाव जीते थे। उनकी सीट के AAP विधायक करतार सिंह तंवर ने भाजपा की सदस्यता ले ली थी। इसके बाद उन्होंने भाजपा छोड़ कर AAP की सदस्यता ले ली। वह 2015 और 2020 में करतार सिंह से हार चुके हैं।

वहीं करतार के अलावा पार्टी ने किराड़ी से अनिल झा को टिकट थमाया है। अनिल झा भी भाजपा से ही 2008 और 2013 में विधायक बने थे। उन्होंने 17 नवम्बर को ही पार्टी की सदस्यता ली थी। उन्हें केजरीवाल ने पूर्वांचल के समाज का बड़ा नेता करार दिया था। वह 2015 और 2020 का चुनाव किराड़ी विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर लड़े थे लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। उन्हें AAP के ही ऋतुराज झा ने हराया था। ऋतुराज झा का भी टिकट काट कर अब अनिल झा को टिकट दिया गया है।

इन दोनों के अलावा कॉन्ग्रेस के पूर्व विधायक सोमेश शौक़ीन को भी मटियाला से उतारा गया है। सोमेश शौक़ीन ने 18 नवम्बर, 2024 को ही पार्टी की सदस्यता ली थी। उन्हें केजरीवाल ने ही पार्टी में शामिल करवाया था। सोमेश शौक़ीन 2008 में मटियाला से कॉन्ग्रेस से विधायक बने थे। इसके बाद 2013, 2015 और 2020 का चुनाव वह हार गए थे। उनके AAP की सदस्यता लेते ही टिकट मिल गया है। इस सीट से पार्टी ने अपने विधायक का टिकट काट दिया है।

AAP ने सीलमपुर विधानसभा से जुबैर अहमद को टिकट दिया है। वह भी सीलमपुर से 5 बार कॉन्ग्रेस के विधायक रहे मतीन अहमद के बेटे हैं। उन्होंने एक माह पहले ही AAP का दामन थामा था। उनकी पत्नी शगुफ्ता चौधरी कॉन्ग्रेस से ही पार्षद थीं। वह भी AAP में शामिल हुई थीं। इनके अलावा वीर सिंह धींगान को सीमापुरी से टिकट दिया गया है। वीर सिंह धींगन को सीमापुरी से उम्मीदवार बनाया गया है। धींगन कॉन्ग्रेस से 1998 से 2013 तक कॉन्ग्रेस से इस सीट से विधायक रहे हैं। वह 2013, 2015 और 2020 का चुनाव हारे थे। वह भी ED के घेरे में आ चुके हैं।

वहीं लक्ष्मी नगर से उम्मीदवार बनाए गए बीबी त्यागी भी नवम्बर, 2024 में ही भाजपा छोड़ कर AAP में शामिल हुए थे। बीबी त्यागी लक्ष्मी नगर क्षेत्र से दो बार पार्षद रहे हैं। बीबी त्यागी को अरविन्द केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने पार्टी में शामिल करवाया था। AAP इन सभी बाहरी पार्टी से आए उम्मीदवारों को टिकट देकर निशाने पर आ गई है।

इन सबके अलावा पार्टी ने रोहतास नगर से सरिता सिंह को टिकट दिया है। वह छात्र संगठन की प्रमुख हैं। वह 2015 में AAP से चुनाव जीती थीं लेकिन 2020 में इसी सीट पर उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। उनके साथ ही दीपक सिंगला को भी टिकट दिया गया है। दीपक सिंगला 2020 में चुनाव लड़े थे लेकिन हार गए थे। सिंगला पर मार्च 2024 में ED का छापा भी पड़ा था। वह गोवा के इंचार्ज भी हैं। ED शराब घोटाले में गोवा के पदाधिकरियों की जाँच कर रही है।

AAP ने बदरपुर से राम सिंह नेताजी को टिकट दिया है। 2015 और 2020 में वह चुनाव जीत चुके हैं। घोंडा से AAP ने गौरव शर्मा को उम्मीदवार बनाया है। 2020 में यह सीट पार्टी नहीं जीत पाई थी। मनोज त्यागी को पार्टी ने करावल नगर सीट से टिकट दिया है। यह सीट भी 2020 में पार्टी के हाथ नहीं लगी थी। AAP की इस चुनावी तैयारी से भाजपा और कॉन्ग्रेस पर अब चुनावी तैयारी तेज करने का दबाव पड़ेगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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