1946 में वे यूपी विधानसभा के सदस्य बने और 1952 से 1972 के बीच चार बार लोकसभा पहुंचे। 1952 के चुनाव में जब एक सीट से दो सांसद चुने जाते थे, तब पंडित जवाहरलाल नेहरू के साथ मसुरियादीन पासी भी एक साथ संसद पहुँचे थे।
मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।