चिदंबरम की भारत और विकास विरोधी मानसिकता उनके हर फैसले में साफ झलकती है। कभी उन्हें डिजिटल इंडिया से समस्या हुई कभी उन्होंने भगवा आतंक का नैरेटिव गढ़ा।
कॉन्ग्रेस कार्यालय में वंदे मातरम के तीसरे स्टेंजे पर राहुल-सोनिया और खरगे की सावधान मुद्रा खत्म हो गई और आपस में बात कर सेवा दल के व्यक्ति को बुला लिया।