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संदिग्ध हत्यारे

कमलेश तिवारी मर्डर: हत्यारों पर ₹2.5 लाख ईनाम, तलाश में मदरसे और मुसाफिरखानों पर छापे

संदिग्ध हत्यारे कानपुर से सड़क के रास्ते लखनऊ पहुंचे थे। कानपुर रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी से इसकी पुष्टि हुई है। हत्या को अंजाम देने के बाद दोनों ने बरेली में रात बिताई थी। हत्या के दौरान मोइनुद्दीन के दाहिने हाथ में चोट लगी थी और उसने बरेली में उपचार कराया था।
भीमराव आंबेडकर, इस्लाम

वतन के बदले क़ुरान के प्रति वफादार हैं मुस्लिम, वो कभी हिन्दुओं को स्वजन नहीं मानेंगे: आंबेडकर

"इस्लाम मुसलमानों को कबूल नहीं करने देगा की भारत उनकी मातृभमि है। वे कभी नहीं कबूल करेंगे कि हिन्दू उनके स्वजन हैं।" राजनीतिक फायदे के लिए आंबेडकर के नाम का इस्तेमाल करने वाले भी आखिर क्यों आज उनकी इन बातों की चर्चा नहीं करते?
कॉन्ग्रेस मुक्त भारत

मुक्ति मार्ग पर 2 कदम और बढ़ी कॉन्ग्रेस, ऐसी हताशा न कभी देखी न सुनी

कहते हैं कि आदमी को आगे से हॉंकते हैं और बैल को पीछे से। पार्टी तो जीते-जागते, विचारों से लैस लोगों का ही संगठन होता है। सो, कायदे से उसका भी नेतृत्व आगे से होना चाहिए। लेकिन, आज कॉन्ग्रेस को पीछे से हॉंकने को भी कोई तैयार नहीं है।
मुसलमान

आपस में लड़ते-कटते शिया, सुन्नी, अहमदिया… आखिर कौन है सच्चा मुसलमान? रब भी न जानें!

सुन्नी मुसलमान शिया समुदाय के मुसलमानों को सच्चा मुसलमान नहीं मानते। शिया भी सुन्नियों को सच्चा मुसलमान नहीं मानते। ये सालों या दशकों नहीं बल्कि सदियों से लड़ा जा रहा 'शांतिप्रिय समुदाय' का युद्ध है। इसके ख़त्म होने के भी कोई आसार नज़र नहीं आते।
द गॉडफादर, यूपी पुलिस

कमलेश तिवारी की हत्या, ‘The Godfather’ का हॉस्पिटल वाला वो दृश्य और यूपी पुलिस का बदला हुआ रूप

जो पुलिस व्यवस्था पिछली सरकार में कुछ ख़ास नहीं कर रही थी, वही यूपी पुलिस इस सरकार में बदले रूप में कैसे दिखती है, इस पर भी अलग अलग वजहें गिनाई जा सकती हैं। हाँ, बदला निजाम सबको पसंद आ रहा या नहीं, कुछ लोग भीतर ही भीतर इससे नाराज तो नहीं होंगे, इसके बारे में भी सोचा जा सकता है।
कमलेश तिवारी हत्या

कमलेश तिवारी से दोस्ती के लिए अशफ़ाक़ ने बनाया था फ़र्ज़ी फेसबुक अकाउंट, चाकू से किए थे 15 वार

ख़ास बात यह है कि उसने ये फेसबुक अकाउंट अपने नाम से नहीं बल्कि रोहित सोलंकी के नाम से बनाया था। जब हमने उस फेसबुक प्रोफाइल को खंगाला तो पाया कि उसके प्रोफाइल पिक्चर में 'हिन्दू राज' और भगवा ध्वज लगा हुआ था।
योगी आदित्यनाथ, कमलेश तिवारी

कमलेश तिवारी का परिवार जॉंच से संतुष्ट: बेटों ने छुए CM योगी के पाँव, पत्नी ने कहा- हत्यारों को दो मृत्युदंड

पीड़ित परिवार ने लखनऊ में कमलेश तिवारी की प्रतिमा लगाने की माँग की है। साथ ही खुर्शीद बाग़ इलाक़े का नाम बदल कर कमलेश नगर करने की माँग की गई है। हिंदुत्ववादी नेता तिवारी की 18 अक्टूबर को उनके कार्यालय में निर्मम हत्या कर दी गई थी।
कमलेश तिवारी हत्याकांड, वीडियो

कमलेश तिवारी मर्डर: हत्यारों के 3 नए वीडियो सामने आए, योगी आदित्यनाथ से मिला पीड़ित परिवार

पहले वीडियो में वह कमरा है जहॉं संदिग्ध हत्यारे ठहरे थे। यहीं से पुलिस ने खून लगा कुर्ता बरामद किया है। दूसरा वीडियो उस समय का है जब अशफ़ाक़ और मोईनुद्दीन होटल में कमरा लेने पहुॅंचे थे। तीसरा वीडियो कमलेश तिवारी के कार्यालय जाने के लिए होटल से निकलने के वक्त का है।
हिन्दू लिंचिंग

हिन्दू आज खौफ में है, लेकिन वो क्या करे, इसका समाधान क्या है? वहाँ मारो जहाँ सबसे ज्यादा दर्द हो?

हिन्दू ये देख कर सिनेमा नहीं देखता कि उसमें पांडे है कि खान। हिन्दू ये देख कर सामान नहीं खरीदता कि दुकानदार चौधरी है कि मलिक। हिन्दुओं का कोई हलाल सिस्टम है ही नहीं जहाँ बकरे के पैदा होने से ले कर, उसके कटने, छिलने, पैक होने और दुकान में रखे जाने तक बस एक ही मजहब के लोग हैं।
कमलेश तिवारी, राम मंदिर

राम मंदिर पर फ़ैसले की घड़ी में यह गोधरा दोहराने की साज़िश तो नहीं? अनुच्छेद 370 से भड़के हुए हैं कट्टरपंथी

हाल ही में ख़बर आई थी कि पाकिस्तान ने हिज़्बुल, लश्कर और जमात को अलग-अलग टास्क सौंपे हैं। एक टास्क कुछ ख़ास नेताओं को निशाना बनाना भी था? ऐसे में इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि कमलेश तिवारी के हत्यारे किसी आतंकी समूह से प्रेरित हों।
गौरी लंकेश, कमलेश तिवारी

गौरी लंकेश मामले में हिंदुत्व को हत्यारा बताने वालो, कमलेश तिवारी की हत्या का जश्न मना रहे कौन हैं?

गौरी लंकेश की हत्या के बाद पूरे राइट विंग को गाली देने वाले नहीं बता रहे कि कमलेश तिवारी की हत्या का जश्न मना रहे किस मज़हब के हैं, किसके समर्थक हैं? कमलेश तिवारी की हत्या से ख़ुश लोगों के प्रोफाइल क्यों नहीं खंगाले जा रहे?
प्रतीकात्मक चित्र

मैं भारत का हिन्दू हूँ और अब मुझे यहाँ डर लगता है…

जब अभियुक्त हिन्दू हो, पीड़ित मुसलमान तब ये शरियत से चलते हैं। तब फतवा निकलता है, तब इसी राष्ट्र के संविधान की होली जला कर मुसलमान वही करता है जो एक मुल्ला कहीं से बैठ कर आदेश देता है।

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