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बांग्लादेश में हिंदुओं पर फिर हमला, कई घायल, खून से लथपथ: प्रदर्शन करने जा रहे अल्पसंख्यकों पर टूट पड़ी इस्लामी कट्टरपंथी भीड़, देखती रही पुलिस-सेना

पीड़ित हिंदू ‘बांग्लादेश सम्मिलित सनातनी जागरण जोट’ द्वारा आयोजित एक प्रदर्शन रैली में शामिल होना चाहते थे। यह रैली मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार से अल्पसंख्यकों के अधिकारों और संरक्षण के लिए 8 माँगों को लागू करने की अपील को लेकर आयोजित की गई थी।

बांग्लादेश के रंगपुर डिवीजन में एक प्रदर्शन रैली में शामिल होने जा रहे हिंदुओं पर इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ ने हमला कर दिया। ये हमले शुक्रवार (22 नवंबर 2024) को हुए, जब महिगंज कॉलेज ग्राउंड की ओर जा रहे हिंदू जा रहे थे। कट्टरपंथियों की भीड़ ने हिंदुओं को बसों में यात्रा करने और प्रदर्शन स्थल तक पहुँचने से रोका। हमले में कई हिंदू घायल हो गए, लेकिन डराने-धमकाने के बावजूद, बड़ी संख्या में हिंदू प्रदर्शन में शामिल हुए।

पीड़ित हिंदू ‘बांग्लादेश सम्मिलित सनातनी जागरण जोट’ द्वारा आयोजित एक प्रदर्शन रैली में शामिल होना चाहते थे। यह रैली मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार से अल्पसंख्यकों के अधिकारों और संरक्षण के लिए 8 माँगों को लागू करने की अपील को लेकर आयोजित की गई थी।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बांग्लादेश इस्लामी छात्र शिबिर से जुड़े कट्टरपंथियों ने हिंदुओं पर हमला किया, जिससे कई लोग घायल हो गए और खून से लथपथ हो गए।

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में दिख रहा है कि हिंदुओं को बसों से यात्रा करने और प्रदर्शन स्थल तक पहुँचने से रोका गया।

सूत्रों के अनुसार, कई बसों पर हमला किया गया। इस दौरान पुलिस और सेना के अधिकारियों ने इस उग्र इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।

हालाँकि, डराने-धमकाने के इन प्रयासों के बावजूद, हिंदू प्रदर्शन में शामिल हुए और अपनी 8 माँगों को लागू करने की अपील की। ये माँगे थीं:

  • अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के मामलों का तेजी से निपटारा और पीड़ितों को उचित मुआवजा और पुनर्वास।
  • अल्पसंख्यक संरक्षण अधिनियम का निर्माण।
  • अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय का गठन।
  • हिंदू वेलफेयर ट्रस्ट को हिंदू फाउंडेशन में अपग्रेड करना।
  • प्रॉपर्टी रिकवरी एंड प्रिजर्वेशन एक्ट और ट्रांसफर ऑफ एंट्रस्टेड प्रॉपर्टी एक्ट का सही तरीके से लागू करना।
  • हर शैक्षणिक संस्थान में अल्पसंख्यकों के पूजा स्थलों का निर्माण और हर हॉस्टल में प्रार्थना कक्ष का आवंटन।
  • संस्कृत और पाली शिक्षा बोर्ड का आधुनिकीकरण।
  • दुर्गा पूजा पर 5 दिनों की अनिवार्य छुट्टी।
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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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