आंध्र प्रदेश के कुरनूल में एक स्लीपर बस में आग लगने की घटना में बड़ा खुलासा हुआ है। फोरेंसिक जाँच में सामने आया कि घटना के वक्त बस में 234 स्मार्टफोन का एक पार्सल रखा था। इनकी कीमत लगभग ₹46 लाख थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फोरेंसिक विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल की लिथियम-आयन बैटरी के कारण ही आग लगने से बड़ा धमाका हुआ, जो कि यात्रियों की सीट तक पहुँचा। राज्य के अग्निश्मन सेवा और फोरेंसिक विभाग ने घटना की जाँच रिपोर्ट में भी उल्लेख किया है कि बस में रखी बैटरी और स्मार्टफोन की खेप ने आग को तेजी से फैलने में मदद की।
वहीं, शुरुआती जाँच में सामने आया था कि बस के आगे फ्यूल टैंक लीकेज हुआ था, जिसके बाद बाइक उसके नीचे फँस गई और आग लग गई। दमकल विभाग के अधिकारियों का यह भी कहना है कि गर्मी के काण एल्युमीनियम का फर्श पिघल गया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
बस ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज
बस में आग लगने का पता लगते ही ड्राइवर मिरियाला लक्ष्मैया यात्रियों वाले गेट से निकलने में कामयाब हुआ। उसके बाद लक्ष्मैया ने अतिरिक्त ड्राइवर सिवा नारायण को उठाया, जो बस के बीच में सामान रखने वाली जगह पर सो रहा था।
उन दोनों ने बाहर से रॉड से खिड़कियों के शीशे तोड़ने शुरू किए और कुछ यात्रियों को बाहर निकाला। हालाँकि, आग बढ़ती रही औऱ पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। इससे डरकर बस ड्राइवर लक्ष्मैया मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शुक्रवार (24 अक्टूबर 2025) को उसे कुरनूल से हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने बस ड्राइवर लक्ष्मैया के खिलाफ लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाने के आरोप में BNS की धारा 125 (a) और 106 (1) के तहत मामला दर्ज किया है।
जानें कुरनूल हादसा कैसे और कब हुआ?
कुरनूल में 24 अक्टूबर 2025 को एक स्लीपर बस में आग लग गई। बस एक बाइक से जाकर टकराई, जिससे बड़ा धमाका हुआ। इस घटना में 19 यात्री और बाइकसवार समेत 20 लोगों की मौत हुई। इनमें कुछ यात्री इमरजेंसी गेट और खिड़की तोड़कर खुद की जान बचाई। हादसे के वक्त बस में 44 यात्री सवार थे।

