संसद के मौजूदा शीतकालीन सत्र के छठे दिन सोमवार (8 दिसंबर 2025) को लोकसभा में राष्ट्रगीत वंदे मातरम की 150वीं वर्षगाँठ पर चर्चा की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर 12 बजे इस चर्चा की शुरुआत करेंगे और इस पूरी चर्चा के लिए 10 घंटे का समय तय किया गया है।
इस चर्चा में सरकार की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई मंत्री और सांसद हिस्सा लेंगे। वहीं, विपक्ष की ओर से कॉन्ग्रेस सांसद प्रियंका गाँधी वाड्रा और गौरव गोगोई समेत कई सांसद चर्चा में भाग लेंगे। यह पहला अवसर है जब संसद में इस गीत के इतिहास, उसके महत्व और स्वतंत्रता आंदोलन में उसकी भूमिका पर इतने व्यापक स्तर पर चर्चा होगी।
इस चर्चा को लेकर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि इस चर्चा को लेकर देश उत्साहित है। उन्होंने कहा कि इस चर्चा से युवा भी उसी तरह की ऊर्जा और प्रेरणा महसूस करेगा जैसी स्वतंत्रता संग्राम के समय मिली थी। उम्मीद जताई कि सभी पार्टी दलगत राजनीति और कट्टरपंथी सोच से ऊपर उठकर अपने विचार रखेंगी।
वहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के महासचिव डी. राजा ने कहा कि इसे जरिए बीजेपी अपने एजेंडे का आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा है कि इस बहस के दौरान उनकी पार्टी BJP-RSS की मंशा और मकसद पर सीधा सवाल उठाएगी।
वहीं, राज्यसभा में मंगलवार (9 दिसंबर 2025) वंदे मातरम पर चर्चा होगी और गृह मंत्री अमित शाह इस बहस का नेतृत्व करेंगे। दरअसल, वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर सरकार की ओर से सालभर का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसी कड़ी में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने 2 दिसंबर को सभी दलों के प्रतिनिधियों की मीटिंग बुलाई थी। जिसमें तय किया गया था कि वंदे मातरम को लेकर 8 दिसंबर को लोकसभा और 9 दिसंबर को राज्यसभा में चर्चा होगी।

