राम मंदिर चढ़ावा गिनती करने वाले सभी 36 कर्मचारी बाहर, SBI के परमानेंट कर्मचारी करेंगे गणना: ट्रस्ट का बड़ा फैसला

राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट ने बड़ा बदलाव किया है। ट्रस्ट ने चढ़ावा की गिनती करने वाले सभी 36 कर्मचारियों को हटा दिया है और उसकी जगह एसबीआई को ये कार्य सौंपा है, जिसके नियमित कर्मचारी इस कार्य को करेंगे।

गिनती करने वाले 36 कर्मचारी उन 8 कर्मचारियों से अलग हैं, जिनकी चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तारी हुई है। पहले एसबीआई ने निजी एजेंसी को इस कार्य के लिए हायर किया था। अब एसबीआई बैंक के स्थाई कर्मचारी ये काम करेंगे।

इन 36 कर्मचारियों में से 23 कर्मचारियों को पहले ही जॉब से हटा दिया गया था। अब बाकी 13 कर्मचारियों को भी सेवामुक्त कर दिया गया है। इसके साथ ही चढ़ावा गणना करने वाली पूरी टीम अब इस काम से बाहर हो गई है। इन कर्मचारियों में वे 8 कर्मचारी शामिल नहीं हैं, जो आरोपित हैं यानी जिन पर चोरी के आरोप हैं और जिन कर्मचारियों को हटाया गया है, वे दोनों अलग-अलग हैं।

इससे पहले श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट की बैठक 22 जुलाई 2026 को शाम 3 बजे से 5 बजे तक चली। बैठक की अध्यक्षता महंत नृत्य गोपाल दास ने किया। बैठक में सीईओ के नाम पर फैसला नहीं लिया जा सका।

दरअसल इसके लिए काफी दावेदारी आने के बाद ट्रस्ट ने अगली बैठक में इस पर फैसला लेने की बात कही है। ये बैठक 2 सितंबर 2026 को होगी।ट्रस्ट ने एक प्रवक्ता के नियुक्ति को हरी झंडी दी है, जो मीडिया के साथ संवाद कर सके।

बैठक में एसआईटी जाँच, चढ़ावा चोरी, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर भी चर्चा हुई। ट्रस्ट की बैठक में चढ़ावा गिनने वाले कक्ष समेत पूरे मंदिर परिसर के CCTV की सुरक्षा अधिकारियों तक सीधी पहुँच पर संतोष जताया गया। चढ़ावे के सोने-चाँदी की मात्रा और शुद्धता जाँच के लिए RBI की टकसाल के साथ चली आ रही व्यवस्था जारी रखने का फैसला लिया गया।

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मुद्दे के बाद ट्रस्ट की ये दूसरी बैठक थी। पहली बैठक 6 जुलाई 2026 को हुई थी, जिसमें चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे को मंजूरी मिली थी। रिटायर इंडियन फॉरेस्ट सर्विस के अधिकारी कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया था। ट्रस्ट ने उन सामानों को भी मीडिया के सामने दिखाया था जिसकी चोरी की बात कही जा रही थी। इसमें सोने का रामायण शामिल था।