यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद नाहयान की महज तीन घंटे की हाल ही में हुई भारत यात्रा ने दक्षिण एशिया के समीकरण बदल दिए हैं। भारत के साथ अटूट दोस्ती का सबूत देते हुए UAE ने अपनी जेलों में बंद 900 भारतीयों को रिहा करने का बड़ा फैसला लिया है।
वहीं दूसरी ओर, पाकिस्तान को तगड़ा आर्थिक झटका देते हुए UAE ने इस्लामाबाद एयरपोर्ट के संचालन का सौदा (डील) रद्द कर दिया है। पाकिस्तान के ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि UAE ने इस प्रोजेक्ट से पूरी तरह हाथ खींच लिए हैं।
आधिकारिक तौर पर इसे ‘रुचि खत्म होना’ बताया गया है, लेकिन जानकार इसे भारत-UAE के बीच बढ़ती नजदीकी और पाकिस्तान के सऊदी अरब की ओर बढ़ते झुकाव का नतीजा मान रहे हैं।
पहले ही गरीबी से जूझ रहा आतंकिस्तान
अगस्त 2025 में बनी इस एयरपोर्ट डील का टूटना पाकिस्तान के लिए बड़ी मुसीबत है, क्योंकि उसका एविएशन सेक्टर पहले से ही घोटालों और पुरानी तकनीक से जूझ रहा है। दरअसल, पाकिस्तान ने हाल ही में UAE के प्रतिद्वंद्वी सऊदी अरब के साथ एक बड़ा डिफेंस समझौता किया है, जिससे यूएई नाराज बताया जा रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि 1980 के दशक में जिस पाकिस्तान ने ‘एमिरेट्स एयरलाइंस’ की नींव रखने में मदद की थी, आज UAE उसी पाकिस्तान पर भरोसा करने को तैयार नहीं है। भले ही यूएई की कंपनियाँ अफगानिस्तान जैसे अशांत इलाकों में एयरपोर्ट संभाल रही हों, लेकिन पाकिस्तान से इस तरह पीछे हटना साफ संकेत है कि अब अरब देशों की प्राथमिकताएँ बदल चुकी हैं और वे भारत के साथ रणनीतिक रिश्तों को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं।

