राष्ट्रपति मुर्मू ने संसद के संयुक्त सत्र को किया संबोधित, आतंकवाद से लेकर अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण पर रहा जोर

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के बजट सत्र की शुरुआत पर बुधवार (28 जनवरी 2026) को लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। अपने अभिभाषण में उन्होंने कहा कि जब देश अपने पूर्वजों के योगदान को याद करता है, तो नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है और ‘विकसित भारत’ की दिशा में देश की गति बढ़ती है। उन्होंने कहा कि बीते 11 वर्षों में देश की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत हुई है और महँगाई दर को कम रखने का रिकॉर्ड कायम रखा है। उन्होंने कहा कि इसका फायदा सीधा मध्यम वर्ग और गरीबों को हुआ है।

राष्ट्रपति ने हाल के प्रमुख आयोजनों का जिक्र करते हुए कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस, बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती, सरदार पटेल से जुड़े कार्यक्रमों और भारत रत्न भूपेन हजारिका की जयंती ने राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया। उन्होंने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को और सशक्त होने की बात कही।

इस दौरान राष्ट्रपति मुर्मू ने आतंकवाद और नक्सलवाद को लेकर भी बात की। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय सेना ने पराक्रम दिखाते हुए आतंकियों के अड्डे को धवस्त कर दिया और आगे भी आतंकी हमले का जवाब दृढ़ और निर्णायक होगा। साथ ही, उन्होंने कहा कि नक्सलवादियों के खिलाफ भी निर्णायक कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा, “नक्सलवाद आज 126 से घटकर 8 जिलों तक रह गया है, सिर्फ 3 जिले इसमें गंभीर रूप से प्रभावित हैं। 2,000 से अधिक माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। वह दिन दूर नहीं जब देश से यह पूरी तरह खत्म हो जाएगा।”

डॉ भीमराव अंबेडकर का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि वे समानता और सामाजिक न्याय पर जोर देते थे और संविधान भी इसी भावना से प्रेरित है। उन्होंने बताया कि सरकार की नीतियों के चलते पिछले दस वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। साथ ही, द्रौपदी मुर्मू ने देश में महिलाओं के लिए किए जा रहे कामों को लेकर कहा कि सरकार ने महिलाओं के लिए विशेष योजनाएँ बनाई हैं। उन्होंने कहा कि 10 करोड़ महिलाओं को स्व सहायता समूह से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि 3 महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है और 60 लाख से ज्यादा महिला लखपति दीदी बनाई गई हैं।

यह संबोधन बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत है। इस दौरान 29 जनवरी 2026 को आर्थिक सर्वेक्षण और 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्रीय बजट पेश करेंगी, जो उनका लगातार नौवाँ बजट होगा। संसद का यह सत्र दो चरणों में आयोजित होगा और इसमें आर्थिक विकास, कर नीति, सार्वजनिक व्यय और रोजगार जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।