देश की राजधानी दिल्ली का सबसे पॉश इलाका कनॉट प्लेस (CP) एक बिजनेसमैन के लिए मौत की जगह बन गया। 2 जनवरी की देर रात महज पानी माँगने जैसी छोटी सी बात पर हुए विवाद में तीन फूड डिलीवरी बॉयज ने 36 वर्षीय कारोबारी शिवम गुप्ता पर हेलमेट से ताबड़तोड़ वार कर दिए। 17 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ने के बाद 19 जनवरी को शिवम की अस्पताल में मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने आरोपित डिलीवरी बॉयज पंकज और आशीष को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उनके एक अन्य साथी की तलाश जारी है।
पार्टी से लौटते वक्त हुआ मामूली विवाद
लक्ष्मी नगर के रहने वाले शिवम गुप्ता पहाड़गंज में अपनी दो दुकानें चलाते थे। 2 जनवरी की रात वह अपने एक दोस्त के साथ कनॉट प्लेस में पार्टी करने गए थे। रात करीब 1:30 बजे राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के ई-ब्लॉक के पास उन्होंने वहाँ मौजूद एक कंपनी के डिलीवरी बॉय से पानी माँगा।
इसी बात पर बहस शुरू हो गई और देखते ही देखते पंकज, आशीष और उनके तीसरे साथी ने शिवम पर हमला कर दिया। आरोपितों ने हेलमेट को हथियार बनाया और शिवम के सिर पर कई वार किए, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े।
17 दिन तक चला अस्पताल में संघर्ष
पुलिस ने घायल शिवम को पहले लोक नायक (LNJP) अस्पताल में भर्ती कराया। हालत बिगड़ने पर उन्हें राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल शिफ्ट किया गया, जहाँ 5 जनवरी को उनके सिर की सर्जरी हुई। शिवम के पिता अनिल कांत गुप्ता ने बताया कि डॉक्टरों ने चोटों को बेहद गंभीर बताया था। कुछ दिन सुधार की उम्मीद दिखी, लेकिन अंदरूनी चोटें इतनी गहरी थीं कि 19 जनवरी को शिवम ने दम तोड़ दिया।
इकलौता सहारा छीनने से टूटा परिवार
61 वर्षीय पिता अनिल कांत गुप्ता के लिए शिवम उनका इकलौता बेटा और बुढ़ापे की एकमात्र लाठी था। पिता ने खुद पुलिस स्टेशन जाकर सीसीटीवी फुटेज देखे, जिसमें आरोपित उनके बेटे को बेरहमी से पीटते नजर आ रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में घटना की सही जानकारी नहीं दी थी। अब परिवार की सिर्फ एक ही माँग है कि पकड़े गए आरोपितों को कड़ी से कड़ी सजा मिले ताकि किसी और का घर न उजड़े।
पुलिस की कार्रवाई और जाँच
पुलिस ने पार्किंग एरिया से खून के नमूने जब्त कर फोरेंसिक जाँच के लिए भेजे हैं। शुरुआती जाँच के बाद पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या और सामान्य इरादे से अपराध (IPC की संबंधित धाराओं) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि दो मुख्य आरोपित पंकज और आशीष गिरफ्त में हैं और तीसरे फरार आरोपित को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है।

