अफगानिस्तान में भीषण हवाई हमले के बाद भारत की बड़ी मानवीय पहल, काबुल भेजी चिकित्सा सहायता: पाकिस्तानी हमले में 400+ की गई थी जान

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक नशामुक्ति केंद्र पर हुए भीषण हवाई हमले के बाद भारत ने मानवीय पहल करते हुए बड़ी राहत सहायता भेजी है। हमले में सैकड़ों लोगों की मौत और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने के बीच भारत ने 2.5 टन आपातकालीन चिकित्सा सामग्री काबुल पहुँचाकर संकट की घड़ी में अफगानिस्तान के साथ होने का संदेश दिया है।

भारत ने हमले के बाद तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए दवाइयों, मेडिकल किट, डिस्पोजेबल और जरूरी उपकरणों की खेप अफगानिस्तान भेजी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह सहायता खासतौर पर घायलों के इलाज और अस्पतालों पर बढ़े दबाव को कम करने के उद्देश्य से भेजी गई है।

भारत ने स्पष्ट किया है कि वह अफगान नागरिकों के लिए मानवीय सहायता जारी रखेगा और इस कठिन समय में उनके साथ एकजुटता से खड़ा है।

रमजान के दौरान पाकिस्तान का काबुल में विनाशकारी हमला, भारी जनहानि

अफगान अधिकारियों और स्थानीय मीडिया के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से 16 मार्च 2026 की रात काबुल स्थित एक नशामुक्ति केंद्र को निशाना बनाकर हवाई हमला किया गया, जिससे बड़े पैमाने पर तबाही हुई। इस हमले में 400 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि 250 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं।

मृतकों में बड़ी संख्या में मरीज और केंद्र के कर्मचारी शामिल हैं। हादसे के बाद राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुँचे, लेकिन घायलों की संख्या इतनी अधिक थी कि शहर के अस्पताल भर गए। इसे हाल के वर्षों में नागरिकों पर हुए सबसे घातक हमलों में गिना जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और बढ़ता क्षेत्रीय तनाव

इस घटना की वैश्विक स्तर पर कड़ी निंदा हो रही है। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने नागरिकों की मौत पर चिंता जताते हुए अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों के पालन की अपील की है। वहीं मानवाधिकार संगठनों ने इस हमले की स्वतंत्र जाँच की माँग उठाई है।

इस हमले के बाद अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ गया है। सीमा पार हमलों को लेकर पहले से ही दोनों देशों के रिश्ते खराब चल रहे थे। अब इस घटना के बाद तालिबान नेतृत्व ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान को चेतावनी दी है, जिससे क्षेत्र में हालात और बिगड़ने तथा संभावित टकराव की आशंका गहरा गई है।