ईरान और अमेरिका के युद्धविराम को लेकर पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई। इस पूरे घटनाक्रम में एक फोन कॉल ने माहौल बदल दिया जिसे लेकर अब नया विवाद खड़ा हो गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बातचीत के दौरान इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को फोन किया। ईरान का आरोप है कि इसी फोन कॉल के बाद बातचीत की दिशा बदल गई और जो समझौता होने की उम्मीद बन रही थी, वह टूट गई।
ईरान ने बातचीत की इस विफलता के लिए अमेरिका को नहीं बल्कि बाहरी ताकतों को जिम्मेदार ठहराया। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि बातचीत के दौरान नेतन्याहू के फोन कॉल ने पूरी स्थिति बदल दी।
अराघची के मुताबिक, इस कॉल के बाद बातचीत अमेरिका-ईरान के मुद्दों से हटकर इजरायल की प्राथमिकताओं पर केंद्रित हो गई जिससे प्रगति रुक गई। अराघची ने यह भी कहा, “अमेरिका जो चीजें मैदान में हासिल नहीं कर सका वही वह बातचीत की मेज पर हासिल करने की कोशिश कर रहा था।”
वहीं, एक X पोस्ट में अराघची ने लिखा, “पिछले 47 सालों में सबसे ऊँचे स्तर की गहन बातचीत में ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका के साथ पूरी ईमानदारी से भाग लिया।” उन्होंने लिखा, “लेकिन जब हम ‘इस्लामाबाद समझौते (MoU)’ से कूछ ही इंच दूर थे, तभी हमें अमेरिका की तरफ से ज्यादा माँगें (कट्टर रुख), बार-बार शर्तें बदलना और नाकेबंदी का सामना करना पड़ा। कोई सबक नहीं सीखा गया। अच्छी नीयत का जवाब अच्छी नीयत से मिलता है। दुश्मनी का जवाब दुश्मनी से मिलता है।”
In intensive talks at highest level in 47 years, Iran engaged with U.S in good faith to end war.
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) April 12, 2026
But when just inches away from "Islamabad MoU", we encountered maximalism, shifting goalposts, and blockade.
Zero lessons earned
Good will begets good will.
Enmity begets enmity.
बातचीत से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि दोनों देशों के बीच कई बड़े मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई। इनमें ईरान का परमाणु कार्यक्रम, ईरान की फँसी हुई संपत्तियों तक पहुँच और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा से जुड़े मसले शामिल थे। यह जलडमरूमध्य दुनिया में तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम रास्ता माना जाता है। कहा जा रहा है कि अमेरिका ईरान से परमाणु कार्यक्रम बंद करने का आश्वासन चाहता है जिसे लेकर बातचीत अटक रही है।

