यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को एक सीधी चिट्ठी भेजी है। जेलेंस्की ने बिना किसी तीसरे देश (जैसे अमेरिका) की मदद के, पुतिन को आमने-सामने बैठकर बातचीत करने का न्योता दिया है।
इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी खुशी जताई है, वहीं रूस ने कहा है कि बात करनी है तो जेलेंस्की मॉस्को आएँ। जेलेंस्की ने अपनी चिट्ठी में साफ-साफ लिखा है कि हमें बातचीत के लिए अमेरिका के भरोसे नहीं बैठना चाहिए।
इस समय अमेरिका का पूरा ध्यान ईरान के संकट पर लगा हुआ है। इसलिए यूक्रेन और रूस को खुद ही आगे बढ़कर इस युद्ध का रास्ता निकालना होगा। जेलेंस्की ने कहा कि शांति केवल दोनों देशों की सीधी बातचीत से ही आ सकती है।
बातचीत के लिए यूक्रेन झुकेगा नहीं
जेलेंस्की ने पुतिन को मीटिंग के लिए स्विट्जरलैंड या तुर्किये जैसे किसी न्यूट्रल (तटस्थ) देश में मिलने का सुझाव दिया है। उन्होंने यह भी साफ किया कि जब तक दोनों देशों के बीच बातचीत चलेगी, तब तक यूक्रेन पूरी तरह से युद्धविराम (सीजफायर) के लिए तैयार रहेगा। यूक्रेन के विदेश मंत्री ने इसे युद्ध खत्म करने का एक बहुत ही गंभीर प्रस्ताव बताया है।
चिट्ठी में तंज: पुतिन की उम्र पर कसा दांव
करीब 1800 शब्दों की इस चिट्ठी में जेलेंस्की ने पुतिन पर तीखे तंज भी कसे हैं। उन्होंने लिखा कि रूस के लोग अब महँगाई, तेल की कमी और ड्रोन हमलों से पूरी तरह थक चुके हैं। जेलेंस्की ने पुतिन की उम्र पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि 26 साल सत्ता में रहने के बाद अब उन पर उम्र का असर दिखने लगा है। उन्हें युद्ध खत्म करने के फैसले से डरना नहीं चाहिए।
रूस का जवाब: आना है तो मॉस्को आओ
रूस के सरकारी महल ‘क्रेमलिन’ ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें जेलेंस्की की चिट्ठी मिल गई है। पुतिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि अगर जेलेंस्की सच में बातचीत करना चाहते हैं, तो वे रूस की राजधानी मॉस्को आ सकते हैं।

