25 दिन ‘सीक्रेट विदेश दौरे’ पर रहने के बाद देहरादून में दिखे राहुल गाँधी, ‘छात्रों की गूँज’ कार्यक्रम में फिर दोहराई रटी-रटाई स्क्रिप्ट: बताया- पेपर लीक के मेन्यू का रेट कार्ड

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी करीब 25 दिनों के कथित ‘सीक्रेट विदेश दौरे’ से लौटने के बाद शुक्रवार (17 जुलाई 2026) को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में नजर आए। देहरादून में आयोजित ‘छात्रों की गूँज’ कार्यक्रम में शामिल होकर उन्होंने एक बार फिर युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को हवा दी। इस दौरान राहुल गाँधी ने वही पुरानी रटी-रटाई स्क्रिप्ट निकाली और देश और राज्यों में हो रहे पेपर लीक के मामलों को लेकर केंद्र – राज्य की भाजपा सरकारों पर तीखा हमला बोला।

छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गाँधी ने कहा कि आज के समय में पेपर लीक होना एक आम बात बन चुकी है, जिसने देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य को अधर में लटका दिया है। उन्होंने दावा किया कि देश में अब तक लगभग 7.5 करोड़ छात्र इस अव्यवस्था से प्रभावित हुए हैं। सरकारी आँकड़ों और घटनाओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि देश में अब तक पेपर लीक के 152 मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन बड़े ही आश्चर्य की बात है कि इतने बड़े घोटालों के बावजूद अब तक एक भी दोषी को सजा नहीं मिली है और न ही कोई कानून व्यवस्था इन पर लगाम लगा पा रही है।

अपने संबोधन में राहुल गाँधी ने भ्रष्टाचार पर तंज कसते हुए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के कथित ‘रेट कार्ड’ का भी जिक्र किया। उन्होंने व्यापमं से लेकर हालिया नीट परीक्षा तक का उदाहरण देते हुए व्यवस्था पर सवाल उठाए। राहुल गाँधी ने मंच से कहा, ”जैसे किसी रेस्त्रां में मेन्यू कार्ड होता है, ठीक वैसे ही लीक हुए एग्जाम पेपर का रेट कार्ड मौजूद है। नीट का 40 लाख, IIT-JEE और उत्तराखंड पटवारी परीक्षा का 15-15 लाख, बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा का 10 लाख और ओडिशा पुलिस सब-इंस्पेक्टर परीक्षा का 25 लाख रुपये का पेपर खरीदा जा सकता है। हमने महज 4-5 उदाहरण दिए हैं, लेकिन ऐसे हर राज्य में उदाहरण मौजूद हैं।”

राहुल गाँधी के इस दौरे को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चाएँ तेज हैं। पिछले कुछ समय से उनकी अनुपस्थिति और रैलियों के रद्द होने पर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे थे। अपने सीक्रेट विदेशी दौरे से लौटने के बाद देहरादून के इस कार्यक्रम के जरिए राहुल गाँधी ने एक बार फिर युवाओं के बीच पैठ बनाने और पेपर लीक जैसे संवेदनशील मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की है, जिसे कॉन्ग्रेस आने वाले चुनावों में एक बड़ा हथियार बनाने की तैयारी में है।

हालाँकि छात्रों की गूँज कार्यक्रम के जरिए कॉन्ग्रेस पूरे देश में राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन ये पूरा कार्यक्रम फ्लॉप होता नजर आ रहा है और इस कार्यक्रम की आम लोगों में कोई खास चर्चा होती नहीं दिख रही है।