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2030 में भारत बन जाएगा दूसरी सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था, पीछे छोड़ देगा अमेरिका को: स्टैंडर्ड चार्टर्ड

स्टैंडर्ड चार्टड ने अपने रिपोर्ट में यह बताया कि मोदी सरकार ने GST लागू करके व देश के बाहर जाने वाले कालेधन को रोकने के लिए कठोर कानून बनाकर देश की इकॉनमी को सही दिशा में आगे बढ़ाया है।

यूरोपीय बैंक स्टैंडर्ड चार्टड ने बीते 8 जनवरी को एक रिपोर्ट जारी किया। इस रिपोर्ट के मुताबिक 2030 तक भारत दुनिया में दूसरी सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था वाला देश बन जाएगा। जबकि 2030 तक 64.2 ट्रिलियन डॉलर जीडीपी के साथ चीन दुनिया में सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था वाला देश होगा। इस रिपोर्ट में इस बात का भी ज़िक्र है कि अगले एक दशक में भारतीय अर्थव्यवस्था अमेरिका से काफ़ी आगे निकल जाएगी।

रिपोर्ट के मुताबिक 2020 तक चीन की जीडीपी और वहाँ रहने वाले लोगों की क्रय शक्ति अमेरिका से आगे निकल जाएगी। यदि भारत में भी इसी तरह से विकास का माहौल बना रहा तो 2030 में भारत की जीडीपी 46.3 ट्रिलियन डॉलर के करीब पहुँच जाएगी।

स्टैंडर्ड चार्टड ने अपने रिपोर्ट में यह बताया कि 2013 के बाद भारत सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने के लिए कई अच्छे कदम उठाए हैं। सरकार ने गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू करके व देश के बाहर जाने वाले कालेधन को रोकने के लिए कठोर कानून बनाकर देश की इकॉनमी को सही दिशा में आगे बढ़ाया है।

भारत के युवा ही देश को मजबूत बनाएँगे

स्टैंडर्ड चार्टड ने अपने रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया है कि भारत की आधी अबादी युवाओं की है। ऐसे में देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं। युवाओं की संख्या अधिक होने की वजह से देश में मैन पावर की कोई कमी नहीं है। ऐसे में 2030 तक युवाओं के लिए 100 मिलियन जॉब पैदा होने की संभावना है। देश-विदेश की कंपनी में काम करने वाले इन युवाओं के जीवनस्तर में सुधार होने की संभावना है। इतनी संख्या में नए जॉब पैदा होने की वजह से आम लोगों की आय में वृदधि होगी। प्रतिव्यक्ति आय बढ़ते ही लोगों की क्रय शक्ति बढ़ेगी। इस तरह भारत 2030 तक दुनिया का दूसरा सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था वाला देश बन जाएगा।  

नोटबंदी-जीएसटी से देश की अर्थव्यवस्था को मिला फ़ायदा

स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक की रिपोर्ट से पहले वर्ल्ड बैंक ने एक रिपोर्ट ज़ारी किया था। वर्ल्ड बैंक के इस रिपोर्ट में नोटबंदी और जीएसटी का भी ज़िक्र किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार नोटबंदी और जीएसटी के कारण अस्थाई मंदी के बाद देश की अर्थव्यस्था में आश्चर्यजनक वृद्धि हो रही है। वर्ल्ड बैंक के इस रिपोर्ट ने नोटबंदी पर विपक्षी दलों द्वारा लगाए जाने वाले आरोपों को गलत साबित किया है। यही नहीं, अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए मोदी सरकार द्वारा जो साहसी कदम उठाया गया, उस सराहनीय प्रयास के परिणाम की एक झलक वर्ल्ड बैंक के इस रिपोर्ट में देखने को मिली।

कृषि व विनिर्माण क्षेत्र में भी सुधार

स्टैंडर्ड चार्टर्ड और वर्ल्ड बैंक के रिपोर्ट से पहले केंन्द्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने एक रिपोर्ट जारी करके वित्तीय वर्ष 2018-19 में देश की जीडीपी 7.2% रहने की संभावना ज़ाहिर की है। जीडीपी में वृद्धि के लिए सीएसओ ने कृषि व विनिर्माण क्षेत्र को सराहा है। इस रिपोर्ट के मुताबिक कृषि व विनिर्माण सेक्टर में अच्छे प्रदर्शन की वजह से 2017-18 की तुलना में 2018-19 में जीडीपी में वृद्धि हुई है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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