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राम मंदिर के साथ Happy Independence Day का पोस्टर: पुलिस ने उतार दिया हैदराबाद में, BJP ने की जाँच की माँग

एक पोस्टर लगाया गया। पोस्टर के बीच में राम मंदिर की फोटो है, उसके नीचे Happy Independence Day लिखा है। लेकिन बवाल हो गया। बवाल इसलिए हुआ क्योंकि ओवैसी की पार्टी AIMIM के समर्थक अब्दुल काशिफ ने इस पोस्टर के खिलाफ...

हैदराबाद में एक मौजूमजही मार्केट है। यहाँ एक पोस्टर लगाया गया। पोस्टर के बीच में राम मंदिर की फोटो है, उसके नीचे Happy Independence Day लिखा है। एक कॉर्नर पर PM मोदी के साथ स्वतंत्रता सेनानियों की फोटो है जबकि दूसरे कॉर्नर पर गृहराज्य मंत्री की फोटो। पोस्टर पर चर्चा से पहले इसे देख लिया जाए एक बार।

वो पोस्टर जिस पर है बवाल (फोटो साभार: इंडिया TV)

हैदराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (GHMC) ने अब इस पोस्टर को हटा दिया है। क्यों? पोस्टर देख कर समझ पाना मुश्किल है। लेकिन प्रशासन ने ऐसा किया। इसलिए किया क्योंकि प्रशासन को इसके बारे में लिखित शिकायत मिली थी। शिकायत किससे मिली थी? जिससे मिली थी, उसका नाम और किस पार्टी से वो जुड़ा है, जानने के बाद आप इसके पीछे की राजनीति को आसानी से समझ जाएँगे।

शिकायत ओवैसी की पार्टी AIMIM के एक समर्थक अब्दुल काशिफ ने की थी। अब्दुल काशिफ ने पुलिस को बताया था कि इस पोस्टर से दो समुदायों के बीच घृणा पैदा हो सकता है। इसलिए इसे हटाया जाना चाहिए। इस शिकायत के बाद पुलिस और हैदराबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन की तरफ से कार्यवाही की गई और पोस्टर को हटा दिया गया।

लेकिन मामला बढ़ गया। क्योंकि मौजूमजही मार्केट BJP विधायक राजा सिंह के विधानसभा क्षेत्र में आता है। पोस्टर को हटाने की कार्रवाई निश्चित तौर पर विधायक राजा सिंह के लिए एक चुनौती हुई। इस मामले पर उन्होंने कहा कि PM मोदी ने राम मंदिर बनाने का रास्ता दिखाया, जिसके लिए उनका धन्यवाद किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पोस्टर में लिखे जिस नारे को लेकर विवाद हो रहा है, वह भगत सिंह ने कहा था और उनके नारे को पोस्टर में लिखना किसी भी तरह से अनुचित नहीं है।

विवाद क्यों?

पोस्टर को ध्यान से देखेंगे तो राम मंदिर की फोटो के नीचे लिखा है – “बहरों को सुनाने के लिए धमाके की जरूरत होती है।” विवाद इसी नारे पर है। मजलिस बचाओ तहरीक के अध्यक्ष अमजदुल्लाह ने भी इस पोस्टर को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अमजदुल्लाह के अनुसार पोस्टर लगाने वाले की नीयत ठीक नहीं है और उन्होंने आरोप लगाया कि दो समुदायों के बीच ईर्ष्या पैदा करने के लिए इस पोस्टर को लगाया गया है।

पोस्टर विवाद पर हिंदू पक्ष नीचे के वीडियो में

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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