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मजहबी सहिष्णुता और सहअस्तित्व के लिए गोडसे को कहा था हिन्दू आतंकवादी: कमल हासन की पार्टी

“कमल हासन सभी गुटों में मजहबी सहिष्णुता और सहअस्तित्व के लिए अपील करना चाहते थे और हर मजहब तथा हर रूप के चरमपंथ की निंदा करना चाहते थे।”

कमल हासन द्वारा भारत का पहला आतंकवादी एक हिन्दू को बताने पर छिड़े विवाद के बाद उनकी पार्टी उनके बचाव में उतर आई है। न्यूज़ एजेंसी ANI ने कमल हासन की पार्टी मक्कल नीधि मय्यम के हवाले से यह खबर दी है। इसके अनुसार पार्टी उपाध्यक्ष आर महेन्द्रन ने बयान जारी कर कहा, “कमल हासन (उक्त भाषण दे कर, जिसमें भारत का पहला आतंकवादी एक हिन्दू, नाथूराम गोडसे, को बताया गया था) सभी गुटों में मजहबी सहिष्णुता और सहअस्तित्व के लिए अपील करना चाहते थे और हर मजहब तथा हर रूप के चरमपंथ की निंदा करना चाहते थे।”

‘भाषण को एंटी-हिन्दू बताना साजिश, इससे कन्फ्यूजन हो रहा है’

पार्टी ने आगे कहा, “भाषण को संदर्भ से परे समझ लिया गया है और दुर्भावना से एंटी-हिन्दू बताया जा रहा है। इससे आम आदमी में कन्फ्यूजन और चिंता पैदा हो रहा है। आम आदमी इस साजिश को नहीं जानता।” इससे पहले मंगलवार को भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर निर्वाचन आयोग को कमल हासन के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिए जाने की माँग की थी। कमल हासन ने गाँधी जी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे को आजाद भारत का पहला आतंकी, जो कि एक हिन्दू (था), बताया था।

हासन उस समय तमिलनाडु की अरवाकुरीचि विधानसभा में प्रचार कर रहे थे, जब रविवार (12 मई) को उन्होंने यह विवादित बयान दिया था। उन्होंने वहाँ कहा था, “मैं ऐसा इसलिए नहीं कह रहा क्योंकि यहाँ बहुत सारे मुस्लिम मौजूद हैं। मैं यह महात्मा गाँधी की प्रतिमा के सामने कह रहा हूँ। आजाद भारत में पहला आतंकवादी एक हिन्दू है। उसका नाम नाथूराम गोडसे है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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