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EVM को सही साबित करने के लिए 3 राज्यों में कॉन्ग्रेस के जीत की रची गई थी साजिश: राशिद अल्वी

"अगर एग्जिट पोल के नतीजे सही साबित हुए, तो इसका मतलब ईवीएम में धांधली हुई है। सभी एग्जिट पोल में एकतरफा नतीजे दिखाए जा रहे हैं, इसलिए..."

कॉन्ग्रेस नेता राशिद ने एग्जिट पोल और चुनाव परिणाम को लेकर एक बयान देते हुए कहा कि अगर एग्जिट पोल के नतीजे सही साबित हुए, तो इसका मतलब ईवीएम में धांधली हुई है। उनका कहना है कि सभी एग्जिट पोल में एकतरफा नतीजे दिखाए जा रहे हैं, इसलिए वो उस पर भरोसा नहीं कर रहे।

इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि अगर चुनाव परिणाम एग्जिट पोल की तरह ही आते हैं, तो इसका मतलब पिछले साल तीन राज्यों के चुनाव में कॉन्ग्रेस जहाँ-जहाँ जीती थी, वह एक साजिश थी। यानी कि पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव के दौरान मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कॉन्ग्रेस की जीत को राशिद अल्वी साजिश मानते हैं। उनका मानना है कि तीन राज्यों में कॉन्ग्रेस की जीत के साथ ये भरोसा दिलाने की कोशिश की गई कि ईवीएम सही है, साथ ही उन्होंने ये भी साबित करने की कोशिश की कि सरकार, चुनाव आयोग के मामले में कोई दखलअंदाजी नहीं करती है।

कल (मई 19, 2019) लोकसभा चुनाव संपन्न हो गया। नतीजे 23 मई को आने वाले हैं, लेकिन विपक्ष का ईवीएम को लेकर रोना-धोना शुरू हो गया है। कल मतदान समाप्त होने के बाद कुछ मीडिया संस्थानों द्वारा एग्जिट पोल प्रसारित किया गया, जिसमें भाजपा सरकार के एक बार फिर से बहुमत के साथ सत्ता में आने की संभावना जताई गई। इस एग्जिट पोल के बाद तो विपक्ष का और भी बुरा हाल हो गया।

हालाँकि एग्जिट पोल का चुनाव के नतीजे से कोई लेना-देना नहीं होता है और इस पर विश्वास करना भी मुश्किल होता है, मगर इसके बावजूद ऐसा लग रहा है, जैसे विपक्ष ने इसे ही फाइनल रिजल्ट मान लिया है और हार भी स्वीकार कर ली है। तभी तो अपने आप ही वो हारने की वजह गिनवाने में जुट गई है और पिछली बार की तरह ही एक बार फिर से ईवीएम पर दोषारोपण करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही। चूँकि लगभग हर एग्जिट पोल में एनडीए को बहुमत मिलते हुए दिखाया गया है, तो विपक्ष का इस पर तिलमिलाना भी लाजिमी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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