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दिल्ली दंगों वाले शाहरुख पठान से कोर्ट ने आर्म्स एक्ट हटाया, पुलिस पर रिवॉल्वर ताने सामने आई थी तस्वीर

इसी मामले में आरोपित शाहरुख़ पठान की पहचान अन्य कांस्टेबल दीपक दहिया ने भी की है। शाहरुख़ की कॉल डिटेल की लोकेशन भी घटनास्थल पर मिली है। इसी के साथ घटनास्थल पर लगे CCTV कैमरों में भी वो दंगाइयों की भीड़ में दिखा था।

फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान पुलिसकर्मी पर बंदूक तानने वाले शाहरुख़ पठान के खिलाफ हुए FIR पर दिल्ली की अदालत में आरोप तय हुए। वहीं इन आरोपों में से एक FIR संख्या 49/2020 में आर्म्स एक्ट के अपराध से बरी कर दिया गया है। शाहरुख़ का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उस वीडियो में पुलिससकर्मी दीपक दहिया ने उसका सामना डंडे से किया था। यह मुकदमा अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत की अदालत में चल रहा है।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक यह केस दिल्ली के जाफराबाद थाने में दर्ज है। शाहरुख़ पर IPC की धारा 147, 148, 149, 186, 188, 153A, 283, 353, 332, 323, 307, 505, 120B और 34 और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत FIR दर्ज हुआ था। इस हमले में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। कांस्टेबल रोहित शुक्ला को गोली लगी थी।

घायल पुलिसकर्मी रोहित शुक्ला के बयान के मुताबिक, “24 फरवरी 2020 को जमा गैरकानूनी भीड़ में से एक समूह ‘अल्लाह हु अकबर’ का नारा लगा कर CAA और NRC का विरोध कर रहा था। दूसरे समूह में हिंसक भीड़ थी। उसी भीड़ से लगभग 25 साल का एक लड़का हाथ में पिस्तौल ले कर बाहर निकला। उसने मुझे मारने की कोशिश की। इसी दौरान पिस्तौल से चली गोली से मैं घायल हो गया।”

इसी मामले में आरोपित शाहरुख़ पठान की पहचान अन्य कांस्टेबल दीपक दहिया ने भी की है। शाहरुख़ की कॉल डिटेल की लोकेशन भी घटनास्थल पर मिली है। इसी के साथ घटनास्थल पर लगे CCTV कैमरों में भी वो दंगाइयों की भीड़ में दिखा था। इसी आधार पर अदालत ने कुछ समय पहले उसकी जमानत याचिका भी ख़ारिज कर दी थी। आरोपित शाहरुख़ की तरफ से वकील खालिद अख्तर पेश हुए थे। शाहरुख़ के साथ इस केस में अन्य आरोपितों के नाम सलमान, गुलफाम, आतिर और ओसामा हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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