Homeराजनीतिआज़म खान हुए कन्फ्यूज़: संविधान को बताया मंदिर, फिर कहा क़ुरान के अलावा कुछ...

आज़म खान हुए कन्फ्यूज़: संविधान को बताया मंदिर, फिर कहा क़ुरान के अलावा कुछ भी मंजूर नहीं

आजम खान ने यह भी कहा कि उन्हें डर है लोग शादी से घबराने न लगें और किनारा न करने लगें, और लिव-इन रिलेशनशिप में बढ़ोतरी न हो जाए।

समाजवादी पार्टी के लोक सभा सांसद आजम खान ने संसद में विवादास्पद बयान दिया है। तीन तलाक के मुद्दे पर बहस करते हुए उन्होंने कहा कि मुस्लिमों को कुरान के अतिरिक्त और कोई कानून मंज़ूर नहीं। उनके मुताबिक तीन तलाक का मुद्दा मुस्लिम समुदाय की निजी राय है। उनके ऐसा कहने पर लोक सभा में हंगामा भी बहुत हुआ

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान आजम खान ने भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री प्रताप सारंगी के उस कथन पर भी आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने कहा था कि जिन्हें वन्दे मातरम स्वीकार नहीं है, उन्हें इस देश में रहने का अधिकार नहीं है। आजम खान ने कहा, “संविधान एक मंदिर है। आप किसी चीज़ को थोप नहीं सकते। देश संविधान से चलना चाहिए, हम यह चाहते हैं। अगर ऐसा नहीं हुआ तो यह देश के हित में नहीं होगा।”

तीन तलाक मुद्दे पर अध्यादेश के स्थान पर लाए गए बिल पर आजम खान ने निशाना साधा और कहा कि जिन्हें महिलाओं का बड़ा हमदर्द बनने का शौक है, उन्हें महिलाओं की मुसीबतों पर भी बोलना चाहिए। “तीन तलाक का एक संदर्भ था। जो एक तलाक मान लेता है, उसे जाने दो; जो दो तलाक मान लेता है, उसे जाने दो; जो तीन तलाक मान लेता है, उसे जाने दो; जो उसे नहीं मानता है, उसे जाने दो। मैं कहता हूँ कि ये हमारा निजी मामला है और कुरान के हुक्म, कुरान के किए हुए फैसले के अलावा और कुछ स्वीकार नहीं होगा।”

आजम खान ने यह भी कहा कि उन्हें डर है लोग शादी से घबराने न लगें और किनारा न करने लगें, और लिव-इन रिलेशनशिप में बढ़ोतरी न हो जाए। “हमें अपने रिश्तों को वापस लाना चाहिए और बेहतर देश के बारे में सोचना चहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति उन समुदायों को बाँट देती है जिनमें भाईचारे के रिश्ते हों।

समाजवादी पार्टी के नेता ने यह भी कहा कि बड़े जनादेश ने भाजपा पर जिम्मेदारी भी डाली है, और देश का विकास मुलिम समुदाय के विकास के बिना पूरा नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके संसदीय क्षेत्र रामपुर में हजारों मुस्लिमों को वोट नहीं डालने दिया गया था। “सतहत्तर हजार लाल कार्ड दिए गए थे।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि परिवारों को घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी गई थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मुस्लिम आरक्षण खत्म करने से हिंदुओं को न्याय तक… जानें- क्या हैं नेपाल में 9 दिन से आमरण अनशन पर बैठे विनय यादव की...

नेपाल में विनय यादव का आमरण अनशन नौवें दिन भी जारी है। जानिए देवानगंज हिंसा, सात-सूत्रीय समझौते और मुस्लिम आरक्षण खत्म करने की माँग से जुड़ी पूरी कहानी।

जहाँ फाँसी पर चढ़े थे काकोरी कांड के सेनानी ठाकुर रोशन सिंह, वहाँ 60 साल से चल रहा ‘नेहरू’ अस्पताल: अब नाम बदलने के...

प्रयागराज के SRN अस्पताल का नाम स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर रोशन सिंह के नाम पर रखने की माँग की जा रही है। इसे लेकर महुआ डाबर संग्राहलय परिवार ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।
- विज्ञापन -