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नाम ‘मो​हम्मद’ तो गुरुवार को दारू फ्री: ऑफर देने वाले बार चेन को बंद करवाया, कर्मचारियों को ‘ईशनिंदा’ में हो सकती है 10 साल जेल

बार चेन ने एक प्रमोशनल ऑफर में ऐलान किया था कि मोहम्मद और मारिया नाम के लोगों को फ्री में शराब दिया जाएगा। हंगामा मचने के बादबार चेन के 12 आउटलेट का परमिट रद्द कर उन्हें बंद करवा दिया गया।

सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाले देश इंडोनेशिया में एक बार चेन के ऑफर पर बवाल मचा हुआ है। बार चेन के आउटलेट्स बंद करवा दिए गए हैं। यहाँ के 6 कर्मचारियों को ईशनिंदा के आरोप में जेल की सजा हो सकती है। बार चेन का नाम होलीविंग्स (Holywings) है।

दरअसल इस बार चेन ने एक प्रमोशनल ऑफर में ऐलान किया था कि मोहम्मद और मारिया नाम के लोगों को फ्री में शराब दिया जाएगा। यह ऑफर गुरुवार के दिन के लिए रखा गया था। इस पर हंगामा मचने के बाद राजधानी जकार्ता में बार चेन के 12 आउटलेट का परमिट रद्द कर उन्हें बंद करवा दिया गया।

विवाद पैदा होने के बाद 28 जून 2022 को जकार्ता के गवर्नर अनीस बसवेदन ने बार चेन के लाइसेंस को कैंसिल कर दिया। मजहबी संगठनों की शिकायत पर पुलिस भी जाँच कर रही है। ईशनिंदा के आरोपित 6 कर्मचारियों को अधिकतम 10 साल तक की जेल हो सकती है।

जकार्ता प्रशासन ने अपनी वेबसाइट पर होलीविंग्स के 12 आउटलेट्स बंद कराए जाने की जानकारी दी है। जकार्ता पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि बार चेन के पास शराब परोसने का लाइसेंस ही नहीं था। इस बीच होलीविंग्स ने माफी माँगते हुए कहा है कि प्रबंधन की जानकारी के बिना ऐसा किया गया था। इस ऑफर को लेकर जो सोशल मीडिया पोस्ट किया गया था, वह भी हटा लिया गया है।

इस घटना के बाद कई लोगों का यह भी कहना है कि सख्त ईशनिंदा कानूनों के इस्तेमाल इंडोनेशिया की सहिष्णुता और विविधता को खत्म करने का काम किया है। ह्यूमन राइट्स वॉच के इंडोनेशिया के शोधकर्ता एंड्रियास हार्सोनो ने कहा कि ईशनिंदा कानून और ऑनलाइन गतिविधि को नियंत्रित करने वाला कानून ‘तेजी से खतरनाक’ होता जा रहा है।

ह्यूमन राइट्स वॉच के आँकड़ों के अनुसार इंडोनेशिया में 1965 में ईशनिंदा कानून पारित हुआ था। इसके बाद से अब तक 150 से अधिक लोगों को जेल में डाल गया है। इनमें ज्यादातर धार्मिक अल्पसंख्यक हैं। उल्लेखनीय है कि देश की करीब 88% आबादी मुस्लिम है।

गौरतलब है कि इस्लामिक देश में ईशनिंदा कानून का इस्तेमाल ज्यादातर इस्लाम का अपमान करने वालों के खिलाफ किया गया है, जिसमें जकार्ता के पूर्व ईसाई गवर्नर बासुकी ‘अहोक’ पूर्णमा भी शामिल हैं। उन्हें 2017 में ईशनिंदा के आरोप में दो साल की जेल की सजा सुनाई गई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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