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9 साल में लगे ₹13 करोड़, फिर भी पूरा नहीं हुआ बिहार के बेगूसराय का पुल: उद्घाटन से पहले नदी में समाया, अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप

बेगूसराय में एक आधा अधूरा बना पुल टूट कर गिर गया है। पिछले 9 वर्षों में 13 करोड़ खर्च होने के बाद भी इसका काम पूरा ही नहीं हो पाया था। निर्माणाधीन होने के चलते इस पुल का उद्घाटन भी नहीं हो पाया था।

बिहार के बेगूसराय में एक आधा अधूरा बना पुल टूट कर गिर गया है। पिछले 9 वर्षों में 13 करोड़ खर्च होने के बाद भी इसका काम पूरा ही नहीं हो पाया था। निर्माणाधीन होने के चलते इस पुल का उद्घाटन भी नहीं हो पाया था। घटना रविवार (18 दिसंबर 2022) की है। 3 दिनों पहले इस पुल में दरारें आ गईं थीं। आस-पास के लोग पुल टूटने का जिम्मेदार इसे बनाने वालों को बता रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जो पुल टूटा है वो साहेबपुरकमाल प्रखंड क्षेत्र की बिष्णुपुर अहोक पंचायत में आता है। यह बूढ़ी गंडक पर बना हुआ था। 3 दिनों पहले पुल में आई दरार की सूचना अधिकारियों को दी गई थी। इस सूचना पर अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया था। बाद में कोई पुल की तरफ न जा पाए इसके लिए सुरक्षा के दृष्टिकोण से 2 चौकीदार भी नियुक्त किए गए थे।

जानकारी के मुताबिक यह पुल मुख्यमंत्री नबार्ड योजना के तहत बनाया गया था। इसकी कुल लम्बाई 206 मीटर थी। पुल के बीच का हिस्सा टूटा है जो गिर कर नदी में समा गया है। स्थानीय लोग पुल गिरने से काफी उदास बताए जा रहे हैं। टूटे हुए पुल को देखने के लिए लोगों की भीड़ भी जमा हुई थी। ग्रामीणों ने इस घटना के पीछे पुल बनाने वाले अधिकारियों की लापरवाही को जिम्मेदार बताया है। पुल बनाने वालों पर भ्रष्टाचार का भी आरोप लगा है।

बताया जा रहा है कि उद्घाटन न होने के बाद भी लोगों का आवागमन यहाँ से चल रहा था। घटना के समय किसी राहगीर के न होने के चलते बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों ने इस पुल पर ध्यान देने के लिए अधिकारियों से कई बार मिन्नतें भी की थीं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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