Homeदेश-समाज'PCR में तैनात पुलिसकर्मी हों सस्पेंड, चार्जशीट जल्द दाखिल हो' : कंझावला केस पर...

‘PCR में तैनात पुलिसकर्मी हों सस्पेंड, चार्जशीट जल्द दाखिल हो’ : कंझावला केस पर दिल्ली पुलिस ने MHA को सौंपी रिपोर्ट, DCP को भी नोटिस भेजने का मिला निर्देश

गृह मंत्रालय ने पड़ताल में कमी को देखते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त को जाँच अधिकारी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने का भी सुझाव दिया है। इसी तरह जहाँ वारदात हुआ वहाँ के इलाकों में पर्याप्त रौशनी की व्यवस्था करने को भी  कहा गया है।

दिल्ली के कंझावला केस में गृह मंत्रालय को दिल्ली पुलिस ने आज विस्तृत रिपोर्ट दे दी है। रिपोर्ट मिलने के बाद मंत्रालय ने पुलिस से कहा है कि वह इस मामले में जल्द से जल्द चार्जशीट दायर करें और  आरोपितों को सजा दिलाने के लिए हर जरूरी कदम उठाएँ। 

इसके अलावा मंत्रालय की ओर से पुलिस को तीन निर्देश भी दिए गए हैं। इनमें लापरवाही दिखाने वाले व उस रात पीसीआर वैन में मौजूद पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की बात है।

गृह मंत्रालय ने पड़ताल में कमी को देखते हुए दिल्ली पुलिस आयुक्त को जाँच अधिकारी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने का भी सुझाव दिया है। इसी तरह जहाँ वारदात हुआ वहाँ के इलाकों में पर्याप्त रौशनी की व्यवस्था करने को भी  कहा गया है।

कंझावला केस

बता दें कि 1 जनवरी 2023 को दिल्ली के सुल्तानपुरी में युवती स्कूटी से अपने घर लौट रही थी। तभी, एक कार से उसका एक्सीडेंट हुआ। एक्सीडेंट में युवती कार के निचले हिस्से में फँस गई, लेकिन आरोपितों ने कार नहीं रोकी। इस कारण युवती 10-12 किलोमीटर तक लगातार घिसटती चली गई। 

इस हादसे में, युवती के पैर भी कट चुके थे। सूचना पाकर घटनास्थल पर पहुँची पुलिस ने दिल्ली के कंझावला थाना क्षेत्र से लड़की का शव नग्नावस्था में बरामद किया था। वहीं पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपितों को गिरफ्तार किया था। घटना के बाद पुलिस पर काफी सवाल उठे थे। दिल्ली महिला आयोग ने जहाँ उन्हें घटना को लेकर नोटिस भेजा था। वहीं गृह मंत्रालय ने भी पुलिस को घटना के संबंध में जल्द से जल्द रिपोर्ट देने को कहा था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -