Homeराजनीतिआरिफ मोहम्मद ने कहा- भारत में पैदा होना खुशनसीबी, लोग बोले- आप सच्चे मुस्लिम

आरिफ मोहम्मद ने कहा- भारत में पैदा होना खुशनसीबी, लोग बोले- आप सच्चे मुस्लिम

1986 में शाह बानो मामले में कॉन्ग्रेस के स्टैंड के विरोध में राजीव गाँधी की कैबिनेट से इस्तीफा देने वाले आरिफ़ मोहम्मद ने तीन तलाक को गैर कानूनी बनाने जैसे कई मुद्दों पर मोदी सरकार के फैसलों का समर्थन किया था।

केरल के राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर आरिफ़ मोहम्मद खान ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, “यह सेवा करने का अवसर है। मैं खुशनसीब हूँ कि भारत जैसे देश में जन्म लिया, जो अपनी व्यापकता और अपनी विविधताओं के कारण धनी है। मेरे लिए भारत के इस हिस्से को जानने का ये बहुत बड़ा अवसर है, ये भारत की सीमा का निर्माण करता है, जिसे भगवान का अपना देश भी कहा जाता है। “

गौरतलब है कि 1986 में शाह बानो मामले में राजीव गाँधी की कैबिनेट से इस्तीफा देने वाले आरिफ़ मोहम्मद अभी हाल ही में ‘द वायर’ के एक इंटरव्यू में बेबाकी से अपनी राय रखते नजर आए थे। इस साक्षात्कार में केरल के नए राज्यपाल ने कई भ्रांतियों को ध्वस्त करते हुए अपनी बात रखी थी। इसके अलावा बीते दिनों तीन तलाक को गैर कानूनी बनाने जैसे कई मुद्दों पर मोदी सरकार के फैसलों का समर्थन कर चुके हैं।

उनके राज्यपाल नियुक्त होने से सोशल मीडिया पर यूजर्स भी काफी खुश नजर आ रहे हैं। लोग अपनी-अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कह रहे हैं कि वो इस पद के काबिल थे और वो एक सच्चे मुस्लिम हैं, जिन्होंने हमेशा भारत के लिए सोचा।

यूजर्स इस खबर के बाद मोदी सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि आरिफ मोहम्मद जैसे नेताओं को राजनीति में बढ़ावा देकर देशभक्ति को परिभाषित करे।

इसके अलावा केरल के नए राज्यपाल की सोच और उनके ज्ञान को भी लोग खूब सराह रहे हैं और उनके केरल के गवर्नर के रूप में उत्कृष्ट विकल्प मान रहे हैं।

प्रगतिशील मुस्लिम चेहरे के तौर पर पहचान रखने वाले आरिफ़ मोहम्मद ख़ान वंदे मातरम का उर्दू में अनुवाद कर चुके हैं। शाहबानो मामले में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का समर्थन किया था और मुस्लिम कट्टरपंथियों के सामने घुटने टेकने के लिए कॉन्ग्रेस सरकार का विरोध किया था। तीन तलाक बिल पर बहस के दौरान प्रधानमंत्री ने उनके बयान का हवाला भी दिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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