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सरकारी नौकरी में होना था परमानेंट इसलिए 5 महीने की बेटी को नहर में फेंक ​मार डाला: राजस्थान में पति-पत्नी गिरफ्तार

झंवरलाल चांडासर गाँव के स्कूल में संविदाकर्मी के तौर पर विद्यालय सहायक पद पर तैनात है। उसे जल्द ही अपनी नौकरी के परमानेंट होने की उम्मीद थी। लेकिन स्थायी नौकरी के लिए 2 से अधिक बच्चे न होने की शर्त थी।

राजस्थान के बीकानेर में 5 महीने की एक बच्ची मार डाली गई, क्योंकि वह अपने पिता के सरकारी नौकरी के परमानेंट होने की राह का कथित रोड़ा थी। बच्ची को नहर में फेंकने के आरोप में पुलिस ने उसके माँ-बाप को गिरफ्तार किया है। घटना रविवार (22 जनवरी 2023) की है। अंशु उर्फ़ अंशिका को नहर में फेंकने के बाद आरोपित उसके दुर्घटनावश नहर में गिरने की कहानी गढ़ रहे थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला बीकानेर के छत्तरगढ़ इलाके का है। यहाँ का रहने वाला झंवरलाल चांडासर गाँव के स्कूल में संविदाकर्मी के तौर पर विद्यालय सहायक पद पर तैनात है। उसे जल्द ही अपनी नौकरी के परमानेंट होने की उम्मीद थी। लेकिन स्थायी नौकरी के लिए 2 से अधिक बच्चे न होने की शर्त थी। झंवरलाल ने विभाग में जमा किए गए अपने शपथ पत्र में सिर्फ सिर्फ 2 संतान होने की जानकारी दी थी। बताया जा रहा है कि इसी वजह से उसने अपनी ही एक बेटी को मार डालने की साजिश रची।

जानकारी के मुताबिक इस साजिश में झंवरलाल ने अपनी पत्नी को भी शामिल कर लिया था। 2 दिन पहले भंवरलाल अपने साले के घर छतरगढ़ गया। वहाँ से पति-पत्नी रविवार शाम 5 बजे वापस अपने घर दियातरा के लिए निकले। अंशिका सहित एक और बच्चा उनके साथ था। तय प्लान के मुताबिक दोनों इंदिरा गाँधी नहर प्रोजेक्ट (IGNP) के रास्ते से जा रहे थे। यहाँ एक जगह रुक कर झंवरलाल ने बेटी अंशिका को नहर में फेंक दिया। आसपास मौजूद कुछ लोगों ने घटना को देखा और शोर मचाया। इसे देख कर पति-पत्नी भाग निकले।

नहर के पास खड़े लोगों ने अंशिका को निकाला, तब तक उसकी जान निकल चुकी थी। लोगों ने पुलिस को सूचना दी तो इलाके की नाकाबंदी कर दी गई। इस दौरान खाजूवाला इलाके में चेकिंग कर रहे एक पुलिसकर्मी ने दंपती को रोक कर पूछताछ की। झंवरलाल ने पुलिस से अपने साले के घर से वापस लौटने की बात कही। हालाँकि पुलिस के ट्रेनी सब इंस्पेक्टर मुकेश कुमार ने पति-पत्नी सहित उनकी बाइक और आधार कार्ड की भी फोटो खींच ली। बाद में उन्हें जाने दिया गया।

जब अंशिका की मौत के मामले ने तूल पकड़ा तब जाँच कर रही पुलिस द्वारा खींची गई ये तस्वीरें काम आईं। आधार कार्ड और बाइक नंबर को ट्रेस करते हुए पुलिस आख़िरकार झंवरलाल तक पहुँच गई। पहले तो झंवरलाल और उनकी पत्नी ने अपनी बेटी के दुर्घटनावश नहर में गिरने की जानकारी दी, लेकिन बाद में उन्होंने अपने गुनाह को कबूल कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपितों को जेल भेज दिया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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