Homeराजनीतिगिरफ्तार हो बृजभूषण सिंह, WFI की अध्यक्ष बने महिला: अनुराग ठाकुर के साथ बैठक...

गिरफ्तार हो बृजभूषण सिंह, WFI की अध्यक्ष बने महिला: अनुराग ठाकुर के साथ बैठक में पहलवानों ने रखी 5 डिमांड

खापों ने ऐलान किया है कि वो अब भी पहलवानों के समर्थन में ही हैं और आंदोलन से पीछे नहीं हटे हैं।

केंद्रीय खेल मंत्री अनुरग ठाकुर के साथ फिर से प्रदर्शनकारी पहलवानों की बैठक हुई है। बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक के साथ उन्होंने अपने आवास पर बैठक की। इस दौरान पहलवानों ने WFI (भारतीय कुश्ती संघ) अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को गिरफ्तार किए जाने के साथ-साथ किसी महिला को संस्था का अध्यक्ष बनाए जाने की माँग रखी। उनकी ये भी माँग है कि बृजभूषण शरण सिंह के परिवार का भी कोई भी सदस्य WFI का हिस्सा नहीं रहना चाहिए।

इस दौरान पहलवानों ने दिल्ली पुलिस द्वारा अपने साथ दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप लगाते हुए इस पर चिंता जाहिर की। साथ ही उन पर हिंसा मामले में जो FIR हुई है, उसे भी रद्द किए जाने की माँग की गई। उधर चरखी दादरी गाँव में इस मामले पर खाप महापंचायत भी हुई है। बृजभूषण शरण सिंह के घर पर पहुँच कर दिल्ली पुलिस ने कई लोगों ने पूछताछ की। वहीं राकेश टिकैत कह रहे हैं कि वो पहले से ही बातचीत के पक्ष में हैं।

खापों ने ऐलान किया है कि वो अब भी पहलवानों के समर्थन में ही हैं और आंदोलन से पीछे नहीं हटे हैं। बुधवार (7 जून, 2023) को नई दिल्ली के अकबर रोड स्थित अनुराग ठाकुर के आवास पर पहलवान पहुँचे, जहाँ उन्होंने केंद्रीय खेल मंत्री के साथ बैठक की। पहलवानों का कहना है कि अमित शाह के साथ हुई उनकी बैठक के डिटेल्स बाहर नहीं बताने का निर्देश है। बता दें कि नए संसद भवन के उद्घाटन वाले दिन पहलवानों के उपद्रव के बाद दिल्ली पुलिस ने उन पर मामला दर्ज किया था।

केंद्र सरकार के साथ बैठकों से विनेश फोगाट नदारद हैं, क्योंकि वो फ़िलहाल खापों के साथ हैं। पहलवानों का ये आंदोलन 6 महीने से चल रहा है, जो जनवरी 2023 में ही शुरू हुआ था। पिछले महीने पहलवानों ने रेलवे में नौकरी भी फिर से शुरू कर दी, लेकिन उनका कहना है कि आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है। बजरंग और साक्षी रेलवे में स्पेशल ऑफिसर्स हैं। पहलवानों का कहना है कि सांसद बृजभूषण की गिरफ़्तारी से कम उन्हें कुछ भी मंजूर नहीं है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दुनिया पर छाया भोजन का संकट, 140+ करोड़ भारतीयों का पेट भरने के लिए क्या कदम उठा रही मोदी सरकार: जानिए सब कुछ

वैश्विक खाद्य संकट के काले बादलों के बावजूद भारत की स्थिति दुनिया के अन्य देशों की तुलना में काफी मजबूत और सुरक्षित है।

फर्टिलाइजर डिप्लोमेसी के बाद भारत के सामने रबी सीजन की परीक्षा: जानिए खेती की चुनौतियों से निपटने के लिए मोदी सरकार ने की है...

इस रबी सीजन में भारत का मुख्य फोकस कृषि उत्पादन के रिकॉर्ड लक्ष्य के साथ जलवायु परिवर्तन और मानसून से होने वाले जोखिमों को कम करने पर है।
- विज्ञापन -