अजीत झा

देसिल बयना सब जन मिट्ठा

जहाँ से मुश्किल मोर्चे ले रहे अमित शाह, वहीं से मुफ्ती मोहम्मद सईद ने टेके थे घुटने!

यूॅं तो नॉर्थ ब्लॉक ने कई गृह मंत्री देखे हैं। पटेल से लेकर शाह तक। पर ज्यादातर के नाम भी याद नहीं आते। कड़े फैसलों की वजह से पटेल याद किए जाते हैं। शाह भी उसी राह पर हैं। लेकिन, कुछ ऐसे भी हुए हैं जो आतंकी हमले के वक्त भी हर घंटे सूट बदल रहे थे।

भोला जहाँ 8-70 साल की 200 हिंदू महिलाओं से रेप हुआ, अमित शाह को क्यूँ याद आई वह बर्बरता

जब मुस्लिम परस्त राजनीतिक दल के कार्यकर्ता चुन-चुनकर हिंदुओं को निशाना बनाएँ। छोटी-छोटी बच्चियों का रेप करें। अगवा कर धर्मांतरण करवाएँ। संपत्ति पर कब्जा कर हत्या कर दें। तो क्या करें हिंदू?

15274 मौतें, एंडरसन, शहरयार… सुषमा स्वराज ने जब राहुल गाँधी से कहा- अपनी ममा से पूछें डैडी ने…

सन् 1984। ऑपरेशन ब्लू स्टार का साल। इंदिरा गॉंधी की हत्या का साल। सिखों के नरसंहार का साल। सबसे प्रचंड बहुमत से केंद्र में सरकार बनने का साल। एक शहर के कब्रिस्तान में बदल जाने का भी साल। वो शहर है मध्य प्रदेश की...

मी लॉर्ड ने बख्श दिया पर राहुल गाँधी को मन से माफ नहीं कर पाएँगे कॉन्ग्रेसी

उस भूल के लिए अब सुप्रीम कोर्ट ने भी राहुल गॉंधी को बख्श दिया है। मोदी ने तो शायद आम चुनावों के नतीजों के बाद ही माफ कर दिया हो। लेकिन, क्या वे कॉन्ग्रेसी और वामपंथी राहुल गाँधी को कभी मन से माफ कर पाएँगे जिनके सपने में वे आज भी शपथ लेते रहते हैं?

इस बाल दिवस छपरा के भगेरन तिवारी के बेटे और दरभंगा के अभिराम दास को याद कीजिए

नेहरू के खोखलापन के बारे में आरके लक्ष्मण ने 60 साल पहले बता दिया था। पर भगेरन तिवारी के बेटे और अभिराम दास न होते तो हम और आप यह जान भी नहीं पाते कि जन्मस्थान में बाल मूर्ति का होना भी नेहरू को खटकता था।

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