Tuesday, September 27, 2022
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अजीत झा

देसिल बयना सब जन मिट्ठा

हिंदुओं का आरक्षण खा रहे ‘क्रिप्टो क्रिश्चियन’, भारत माता को बीमारी बताता पादरी: क्या कन्याकुमारी में मिशनरी साजिशों के खिलाफ भारत को जोड़ेगे राहुल...

कन्याकुमारी के हिंदुओं का हक 'क्रिप्टो क्रिश्चियन' छीन रहे हैं। क्या इनके खिलाफ लड़ाई में भारत को जोड़ पाएँगे राहुल गाँधी?

क्या 2024 से पहले जमीन का मिजाज बदल देंगे राजनीति के ‘पलटू’ और ‘पप्पू’?

नरेंद्र मोदी आज भी आम जनता की उम्मीदों के नायक हैं। ऐसे में 'पलटू' और 'पप्पू' जैसी छवि से उनको टक्कर नहीं दी जा सकती।

झूठे निकले ओपीइंडिया के सूत्र, रवीश कुमार ने इस्तीफे से मना किया: जीरो टीआरपी एंकर ने कहा- अडानी की नौकरी मुझे मंजूर

यह भी दावा है कि रवीश कुमार ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा है कि उन्हें अडानी की नौकरी भी मंजूर है।

क्या लोकसभा चुनाव में मोदी से मुकाबिल होंगे केजरीवाल: ‘मिशन 2024’ AAP का हसीन ख्वाब या विपक्षी गोलबंदी रोकने की BJP की चाल

क्या 2024 में बीजेपी के मुकाबिल होगी आप? क्या दोनों पार्टियों के बीच पर्दे के पीछे हुई है डील? क्या अगले लोकसभा चुनाव के लिए 'हिडेन प्लान' पर काम कर रही बीजेपी?

जरा याद उन्हें भी कर लो… जो नहीं रहे, क्योंकि वे हिंदू थे: उस सूची के 75 नाम, जिसका नहीं दिख रहा कोई पूर्ण...

हम न इन हिंदुओं को भूले थे, न भूलेंगे। आपको भी बार-बार, तब तक इनकी याद दिलाते रहेंगे, जब तक आप इस खतरे में घिरे हैं।

बात थी 10 लाख रोजगार की, जवाब में ‘चोटी-चिरकुट’ ले आए तेजस्वी यादवः क्या बिहार को याद दिला रहे ‘भूरा बाल साफ करो’

राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप कोई नई बात नहीं। नेताओं की भाषा में गिरावट भी मुद्दा नहीं रही। लेकिन तेजस्वी यादव ने जैसे गिरिराज सिंह की 'चोटी' को निशाना बनाया है, बिहार के लिए उसके मायने गहरे हैं।

सितारे गर्त में… क्योंकि दूध का जला भारत अब दही भी फूँक-फूँक कर खा रहा: राजनीति हो या फिल्म आपका ‘चुनाव’ ही इनकी निर्लज्जता...

राजनीति हो या खेल। साहित्य हो या मनोरंजन। प्रशासन हो या न्यायपालिका। शिक्षा हो या खेती-किसानी... कोई क्षेत्र निर्लज्ज विशेषज्ञता से वंचित नहीं है।

कोउ नृप (सरकार) होउ बिहारी को ही हानी… नीतीश कुमार इधर रहें या जंगलराज की छाया में पसरें, बिहार पर बोझ बना रहेगा

बिहार सियासी तौर पर अभिशप्त है। फिर भी जंगलराज की छाया से दूर रहने का सुकून था। हालिया राजनीतिक हलचल उस सुकून पर हमले जैसा है।

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