Homeदेश-समाज60 से अधिक रोहिंग्या गिरफ़्तार, स्थानीय मुस्लिमों ने ही दी थी पनाह: यूपी में...

60 से अधिक रोहिंग्या गिरफ़्तार, स्थानीय मुस्लिमों ने ही दी थी पनाह: यूपी में ATS की बड़ी कार्रवाई जारी, घुसपैठियों पर सख्त योगी सरकार

सुबह 5 बजे UP ATS की विभिन्न टीमों ने एक साथ अलग-अलग जिलों में छापेमारी की। इन जिलों में मथुरा, अलीगढ़, हापुड़ शामिल हैं। ATS को काफी समय से इन जिलों में रोहिंग्याओं की मौजूदगी की सूचना मिल रही थी।

उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने घुसपैठी रोहिंग्याओं पर बड़ी कार्रवाई की है। एक साथ हुई कई जिलों में छापेमारी के दौरान अवैध तौर पर रह रहे 60 से अधिक रोहिंग्या गिरफ्तार किया गए हैं। गिरफ्तार किए गए रोहिंग्याओं को पशुओं के कटान वाली फैक्ट्री में नौकरी दी गई थी। सोमवार (24 जुलाई 2023) को शुरू हुई ATS की यह छापेमारी अभी जारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार घुसपैठियों को लेकर सख्त है।

ऑपइंडिया को विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार की सुबह 5 बजे UP ATS की विभिन्न टीमों ने एक साथ अलग-अलग जिलों में छापेमारी की। इन जिलों में मथुरा, अलीगढ़, हापुड़ शामिल हैं। ATS को काफी समय से इन जिलों में रोहिंग्याओं की मौजूदगी की सूचना मिल रही थी। सूचनाओं को तस्दीक करने के बाद ATS ने एक साथ छापेमारी की। पकड़े गए रोहिंग्याओ में महिलाएँ भी शामिल हैं। इनकी तलाशी के दौरान कुछ दस्तावेज भी बरामद हुए हैं जिनका खुलासा फिलहाल नहीं किया गया है।

ऑपइंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार रोहिंग्याओ को कई स्थानीय लोगों ने शरण दी थी। उन्हें कुछ मीट फैक्ट्री मालिकों ने अपने यहाँ काम पर भी लगाया था। पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। इन सभी पर मुकदमा दर्ज करवाया जा रहा है। ATS और पुलिस यह पता करने में जुटी हुई है कि रोहिंग्याओ को कब और किसने बॉर्डर पार करवाया था। साथ ही इन्हे शरण देने वालों और इनके कागजात बनाने वालों की भी पड़ताल चल रही है।

बताते चलें कि अप्रैल 2023 को उत्तर प्रदेश की मुरादाबाद पुलिस ने अवैध तौर पर रह रहे 4 रोहिंग्याओ को गिरफ्तार किया था। इसमें मुख्य फातिमा नाम की एक महिला थी जो बांग्लादेश के रास्ते भारत में अवैध तौर पर दाखिल हुई थी। फातिमा के साथ उसकी तीन बेटियों (रिहाना, गुलशन और अर्शी) को भी गिरफ्तार किया गया था। फातिमा ने भारत में निसार नाम के व्यक्ति से निकाह किया था। निसार को भी गिरफ्तार किया था जिसने कबूल किया था कि उसे फातिमा के भारतीय नहीं होने और अवैध तरीके से घुसपैठ करने की जानकारी थी। इस परिवार को भी एक मीट फैक्ट्री मालिक ने नौकरी दी थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -