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पाकिस्तान में कोई गैर-मुस्लिम नहीं बन सकता PM या राष्ट्रपति, संसद ने खारिज किया संशोधन बिल

कोई भी कानून जो इस्लामिक मूल्यों और शिक्षाओं के खिलाफ हो, पास नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने तो यहाँ तक कह दिया कि संसद में ऐसे बिल को पेश भी नहीं किया जाना चाहिए और न ही उस पर चर्चा होनी चाहिए।

पाकिस्तान की संसद ने किसी गैर-मुस्लिम व्यक्ति के देश का प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति बनने की अनुमति दिए जाने के मकसद से लाए गए संविधान संशोधन विधेयक पर रोक लगा दी। विपक्षी पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) के एक इसाई सांसद नवीद आमिर जीवा ने बुधवार (अक्टूबर 2, 2019) को पाकिस्तानी संविधान के आर्टिकल 41 और 91 में संशोधन के लिए एक विधेयक संसद में पेश करना चाहते थे, ताकि पाकिस्तान में गैर-मुस्लिमों को भी प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति बनने का हक मिल सके। मगर पाकिस्तानी संसद ने बहुमत के साथ इस बिल को खारिज कर दिया। जिसके बाद ये साफ हो गया है कि अब कोई भी गैर-मुस्लिम देश का प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति नहीं बन सकता है। 

संसदीय मामलों के राज्य मंत्री अली मोहम्मद ने विपक्षी सांसद के इस प्रस्तावित बिल का विरोध किया। मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान एक इस्लामिक रिपब्लिक है जहाँ सिर्फ मुस्लिम ही राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री बन सकता है। पाकिस्तान की दक्षिणपंथी राजनीतिक दल जमात-ए-इस्लामी के सदस्य अब्दुल अकबर चित्राली ने संसदीय राज्य मंत्री अली मोहम्मद के इस विचार की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी कानून जो इस्लामिक मूल्यों और शिक्षाओं के खिलाफ हो, पास नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने तो यहाँ तक कह दिया कि संसद में ऐसे बिल को पेश भी नहीं किया जाना चाहिए और न ही उस पर चर्चा होनी चाहिए।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत पर हमले करते हुए कहा कि नई दिल्ली (भारत सरकार) मुस्लिमों को उनके मौलिक अधिकारों से वंचित कर रही है और यह मुस्लिम बहुल कश्मीर घाटी की जनसांख्यिकी को बदलने का प्रयास कर रही है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान दावा करते हैं कि उनकी सरकार अल्पसंख्यक समुदाय के साथ भेदभाव नहीं करती है, लेकिन देश की नेशनल असेंबली के हालिया फैसले ने उनके पाखंड को उजागर कर दिया है। इमरान खान ने बार-बार कहा कि उनके देश में अल्पसंख्यक पूरी तरह से स्वतंत्रता और सुरक्षा का आनंद ले रहे हैं। उनके अधिकारों की रक्षा की जा रही है, मगर संसद के इस फैसले से साफ जाहिर हो रहा है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की क्या स्थिति है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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