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Sunday, May 31, 2020
8 कुल लेख

Abhishek Ranjan

Eco(H), LL.B(University of Delhi), BHU & LS College Alumni, Writer, Ex Gandhi Fellow, Ex. Research Journalist Dr Syama Prasad Mookerjee Research Foundation, Spent a decade in Students Politics, Public Policy enthusiast, Working with Rural Govt. Schools. Views are personal.

प्रवासी मजदूरों का दिल्ली छोड़ना: पलायन या षड्यंत्र? 5 आँकड़े और 3 स्क्रीनशॉट से समझें हकीकत

जब 24 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा हुई तो पूरा देश उपलब्ध संसाधनों के साथ वायरस को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहा था। लेकिन AAP के लोग क्या कर रहे थे? वो #ShameOnNitishKumar को ट्रेंड करवा रहे थे। वो प्रवासी मजदूरों के पलायन का लाइव स्ट्रीमिंग कर रहे थे।

मोदी सरकार में खेलती-कूदती-पढ़ती बेटियाँ: वो 8 योजनाएँ, जो उनके सपनों को कर रहे साकार

सेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन की बात हो, स्वच्छ भारत के जरिए शौचालय मुहैया कराना हो या उज्ज्वला योजना के जरिए करोड़ों परिवार को गैस कनेक्शन देकर स्वास्थ्य की चिंता करना, मोदी सरकार ने महिला हितैषी ऐसे कई कदम उठाए हैं, जिनके दूरगामी परिणाम होंगे।

बिना रिसर्च के हैप्पीनेस क्लास: केजरीवाल का प्रपंच, मेलानिया को बेचा जा रहा है प्रोपेगेंडा

एक तरफ अघोषित नीति के तहत फेल होने वाले बच्चों का एडमिशन नहीं लिया जाता। दूसरी तरफ कहानियॉं सुनाकर उनको खुश दिखाने का प्रोपेगेंडा रचा जा रहा है। पर दुर्भाग्य से यह कसरत भी आधी-अधूरी ही है।

शिक्षा पर योगी सरकार के ठोस कदम बनाम केजरीवाल के खोखले दावे

दिल्ली में जितने शिक्षक के कुल पद (लगभग 65000) है, उससे अधिक शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया योगी आदित्यनाथ सरकार ने सरकार बनाते ही शुरु कर दी। यूपी में बीते 3 वर्षों में 68000 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरु हुई है। न्यायिक प्रक्रिया पूरी होते ही ये शिक्षक स्कूलों में पढ़ाने लगेंगे। यही नहीं, यूपी ने लाखों अतिथि शिक्षकों के मसले सुलझाए हैं, जो राजनीतिक और शैक्षिक रूप से बेहद संवेदनशील थे।

अनुसूचित जातियों और गरीब बच्चों के साथ खिलवाड़: दिल्ली की ‘शिक्षा क्रांति’ का काला सच

चुनावी बिगुल बजने से पहले दिल्ली सरकार ने करोड़ों खर्च कर दिल्ली के कोने-कोने में 3 स्कूलों के विज्ञापन टँगवाए। ये स्कूल हैं- वेस्ट विनोद नगर, खिचड़ीपुर और राउज एवेन्यू। वेस्ट विनोद नगर और खिचड़ीपुर, दोनों सिसोदिया के विधानसभा क्षेत्र पटपड़गंज का हिस्सा है। वहीं, राउज एवेन्यू दिल्ली के पॉश इलाके में।

दिल्ली में शिक्षा क्रांति के दावे ऊँचे, हकीकत फीकी: 500 स्कूल नहीं खुले, कमरे गिनवा रही केजरीवाल सरकार

केजरीवाल सत्ता में आए थे 500 नए स्कूल खोलने का वादा कर। लेकिन, न स्कूल खुले। न नामांकन बढ़ा। न परिणाम सुधरे और न शिक्षक बहाल हुए। गिने-चुने स्कूलों में करोड़ों लुटाकर उसका ढोल पीट सरकार ने पॉंच साल गुजार लिए।

AAP की शिक्षा क्रांति! 12वीं में घट गए बच्चे, 10वीं के नतीजे 13 साल में सबसे बदतर

दिल्ली में जिस शिक्षा क्रांति के केजरीवाल सरकार दावे कर रही, वह खूबसूरत तस्वीरों की आड़ में कई ऐसे तथ्य छुपाए हुए है जो मुख्यधारा की चर्चा से गायब हैं या लोग इससे अनजान हैं। सच्चाई यह है कि गुणवत्तापूर्ण सरकारी शिक्षा आज भी स्वप्न ही है।

क्या है सच दिल्ली के सरकारी स्कूलों के परीक्षा परिणामों का? ऐसे फैलाया जा रहा झूठ

दिल्ली सरकार के मुखिया को ध्यान रखना चाहिए कि कागज़ी आंकड़ों की बाजीगरी करके भले आप वाहवाही लुट ले, करोड़ों लुटाकर मीडिया का ध्यान भटका दें, जिन गरीब के बच्चों को स्कूली व्यवस्था से दूर कर रहे है, उन बच्चों के साथ खिलवाड़ कर राष्ट्र-अपराध कर रहे है।

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