Sunday, October 25, 2020
1 कुल लेख

अजीत प्रताप सिंह

गाँधी की तमाम कमज़ोरियों के बाद भी उनके योगदान को नकारना मूर्खता है

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अतिरिक्त यदि कोई इस बँटवारे का प्रखर विरोधी था तो वो गाँधी थे। मुस्लिम लीग की ज़िद के आगे कॉन्ग्रेस ने घुटने टेक दिए थे, न कि गाँधी ने।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
79,142FollowersFollow
337,000SubscribersSubscribe