Sunday, September 26, 2021
5 कुल लेख

Avni Sablok

Senior Research Fellow at Public Policy Research Centre (PPRC), New Delhi

वैश्विक महामारी के दौर में और मजबूती से सामने आया ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का भारतीय दर्शन

कोरोना जैसी वैश्विक महामारी को पराजित किया जा सकता है लेकिन इसके लिए जरूरी है कि हर कोई वसुधैव कुटुम्बकम के दर्शन को आत्मसात करे।

अर्णब की गिरफ्तारी में इंदिरा के निरंकुश शासन की झलक है, प्रेस की आजादी बचाने के लिए विरोध जरूरी

अर्णब के साथ महाराष्ट्र सरकार और वहाँ की पुलिस द्वारा जिस तरह दुव्यर्वहार किया गया है, यह बेहद निंदनीय है। यह 1975 में आपातकाल की याद दिलाता है।

लोकतंत्र के मंदिर से होता खिलवाड़, क्या उपवास के बहाने ही सही विपक्ष करेगा गाँधी को याद?

आज हमें खुद से कुछ प्रश्न करने की जरूरत है कि लोकतंत्र के मंदिर में हुई शर्मनाक हरकत से हम अपनी आने वाली पीढ़ी को क्या सीख दे रहे हैं?

479949 स्वयंसेवक, 85701 स्थानों पर सेवा: कोरोना के खिलाफ जंग में जन-जन के संग RSS

भारत को एक बार फिर से विश्वगुरु बनाने की मुहिम में जुटे RSS ने कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ रखी है।

अबला जीवन हाय तुम्हारी यही कहानी: कोरोना त्रासदी के दौर में भी महिलाओं संग वही हिंसा

जब महिला कोरोना वॉरियर्स का सम्मान होना चाहिए तो स्थितियाँ ठीक विपरीत नजर आ रही हैं। फील्ड में ड्यूटी के दौरान इन्हें लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है।

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