ओडिशा: मरकज़ से लौटे शख्स ने 50 लोगों को इकट्ठा कर अधिकारियों पर किया हमला, बनाया बंधक

ओडिशा में अधिकारियों पर हमले के आरोपितों में से एक मरकज से लौटा है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज से लौटे एक व्यक्ति ने शनिवार (अप्रैल 18, 2020) को अपने दो साथियों और कुछ ग्रामीणों के साथ मिलकर ओडिशा के जाजपुर जिले के एक गाँव में राज्य सरकार के दो अधिकारियों पर हमला कर दिया और उन्हें बंधक बना लिया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। बाद में तीनों को हिरासत में लेकर क्वारंटाइन के लिए भेज दिया गया।

घटना कुआखिया पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाले गोपीनाथपुर गाँव में उस समय हुई, जब जिला अधिकारी रंजन कुमार दास अन्य अधिकारियों के साथ लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों के पालन का जायजा लेने और यह सुनिश्चित करने पहुँचे थे कि लोगों ने मास्क पहना है या नहीं। 

जिलाधिकारी ने कहा, “जब बीडीओ और तहसीलदार गलियों में लोगों की जाँच-पड़ताल कर रहे थे, उसी समय मोटरसाइकिल पर सवार बिना मास्क पहने तीन लोग नहीं रूके और गोपीनाथपुर गाँव की ओर भाग निकले।”

50 लोगों को इकट्ठा कर बनाया बंधक

पुलिस ने कहा कि जब दोनों अधिकारियों ने उनका पीछा किया तो तीनों ने भीड़ एकत्र कर उन पर हमला कर दिया और उन्हें बंधक बना लिया। भीड़ में तकरीबन 50 लोग थे। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुँचकर अधिकारियों को बचाया। रंजन दास ने कहा कि बाद में जाँच में सामने आया कि इनमें से एक आरोपित ने मार्च में दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में आयोजित तबलीगी जमात के कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। 

जिलाधिकारी का कहना है कि बाइक सवार तीनों ने सोचा होगा कि उनके निजामुद्दीन लिंक के कारण अधिकारी उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए वह फरार हो गए और फिर ग्रामीणों को इकट्ठा कर बंधक बना लिया।

पुलिस ने बताया कि फिलहाल निजामुद्दीन से लौटे शख्स और उसके दोनों सहयोगियों को हिरासत में लेकर क्वारंटाइन कर दिया गया है। सैंपल परीक्षण के बाद उनके संपर्क में आए लोगों का पता लगाया जाएगा। 

घटना के बाद गाँव में तनाव का माहौल उत्पन्न हो गया था। जाजपुर के एसपी चरण सिंह मीणा ने गाँव में फ्लैग मार्च किया। इस बीच पुलिस ने राज्य में पिछले 24 घंटों में लॉकडाउन दिशा-निर्देशों और अन्य मानदंडों का उल्लंघन करने के आरोप में 67 लोगों को गिरफ्तार किया है।

बता दें कि राजधानी दिल्ली में पिछले महीने तबलीगी जमात के मजहबी कार्यक्रम में भाग लेने वालों में से कई लोगों को बाद में कोरोना पॉजिटिव पाया गया। राज्य के 61 कोरोना वायरस मामलों में से कम से कम 6 का निजामुद्दीन की घटना से ताल्लुक है।

एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की एक अपील के बाद राज्य के 42 लोग, जो निज़ामुद्दीन कार्यक्रम में शामिल हुए थे, स्वेच्छा से कोरोना वायरस परीक्षण के लिए आगे आए। लेकिन शनिवार को हिरासत में लिया गया व्यक्ति उनमें शामिल नहीं था।

गौरतलब है कि कश्मीर के बडगाम जिले के वाथुरा गाँव के शेखपुरा इलाके में कोरोना संदिग्ध की जाँच करने पहुँची एक मेडिकल टीम को भीड़ ने बंधक बना लिया था और फिर छुड़ाने पहुँची पुलिस पर भी पथराव किया गया था। हैदराबाद के गॉंधी हॉस्पिटल में जमातियों ने डॉक्टर पर हमला बोल दिया था, जिसके बाद वहाँ पर पुलिस को तैनात किया गया है।

ऑपइंडिया स्टाफ़: कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया