Homeदेश-समाजकोरोना संदिग्ध की जाँच करने पहुँची मेडिकल टीम को बनाया बंधक, छुड़ाने आई पुलिस...

कोरोना संदिग्ध की जाँच करने पहुँची मेडिकल टीम को बनाया बंधक, छुड़ाने आई पुलिस पर पथराव

जम्मू-कश्मीर पुलिस के अधिकारी ने कहा कि गाँव के एक व्यक्ति को स्क्रीनिंग के लिए ले जाया जाना था, लेकिन उसके परिवार के सदस्यों ने मना कर दिया। मेडिकल टीम को घर के अंदर बंधक बना लिया। उन्होंने कहा कि जैसे ही घटना के बारे में जानकारी मिली, एक पुलिस टीम को गाँव में भेजा गया। लेकिन उन पर पत्थरों से हमला किया गया।

कोरोना वायरस संक्रमण पर काबू पाने में लगी मेडिकल टीम के साथ बदसलूकी, मारपीट और पथराव की खबरें आए दिन सामने आ रही है। अब कश्मीर से ऐसी ही खबर आई है। शनिवार (अप्रैल 11, 2020) को मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के वाथुरा गाँव के शेखपुरा इलाके में एक मेडिकल टीम को भीड़ ने बंधक बना लिया।

जानकारी के मुताबिक, उप-जिला अस्पताल (SDH) चदूरा की मेडिकल टीम एक कोरोना संदिग्ध की स्क्रीनिंग के लिए वाथुरा गाँव गई थी। लेकिन वहाँ के स्थानीय लोगों ने टीम को घर के अंदर बंधक बना लिया। SDH चदूरा के एक अधिकारी ने बताया कि जब मेडिकल टीम ने ट्रेवल हिस्ट्री को लेकर पूछताछ की तो संदिग्ध के परिवार के सदस्यों ने उन्हें घर में ही बंधक बना लिया।

जम्मू-कश्मीर पुलिस के अधिकारी ने कहा कि गाँव के एक व्यक्ति को स्क्रीनिंग के लिए ले जाया जाना था, लेकिन उसके परिवार के सदस्यों ने मना कर दिया। मेडिकल टीम को घर के अंदर बंधक बना लिया। उन्होंने कहा कि जैसे ही घटना के बारे में जानकारी मिली, एक पुलिस टीम को गाँव में भेजा गया। लेकिन उन पर पत्थरों से हमला किया गया। पुलिस दल के गाँव में पहुँचते ही ग्रामीणों ने उन पर पथराव करना शुरू कर दिया।

हालाँकि, मेडिकल टीम को पुलिस ने सुरक्षित बचा लिया। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों के हमले में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। मेडिकल टीम को बंधक बनाए जाने वालों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188, 269 और 353 के तहत FIR दर्ज की गई है। फिलहाल मामले की जाँच की जा रही है।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में अब तक कुल 207 लोगों को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। इनमें से 6 मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि 4 की मौत हो चुकी है।

उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पहले हरियाणा के इंदिरा कॉलोनी में आशा वर्करों की एक टीम पुलिसकर्मियों के साथ सर्वे के लिए गई थी। वहाँ भीड़ ने पुलिस का कॉलर पकड़ लिया और आशा वर्करों व पुलिसकर्मियों की टीम पर हमला किया।

इसी तरह यूपी के बरेली में जमातियों की सूचना मिलने पर पहुँची पुलिस लगभग 200 लोगों की भीड़ ने हमला कर दिया। पुलिस चौकी को भी फूँकने का प्रयास किया। वहीं मध्य प्रदेश के इंदौर में विशेष समुदाय की भीड़ ने पुलिस पर धारदार हथियारों से हमला बोला और कई पुलिसकर्मियों को घायल कर दिया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -