प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ED ने बुधवार (25 फरवरी 2026) को मुंबई के पाली हिल इलाके में स्थित उनके 17 मंजिला आलीशान आवास ‘अबोड’ को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है। इस संपत्ति की कीमत 3,716.83 करोड़ रुपए बताई गई है।
यह कार्रवाई रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है। PMLA के तहत जारी इस अटैचमेंट के बाद इस मामले में अब तक कुर्क की गई कुल संपत्तियों का मूल्य लगभग 15,700 करोड़ रुपए हो गया है।
66 वर्षीय अनिल अंबानी से इस मामले में दूसरी बार पूछताछ की तैयारी चल रही है। अगस्त 2025 में वे पहली बार ED के सामने पेश हुए थे, जहाँ उनका बयान दर्ज किया गया था। जाँच CBI द्वारा दर्ज दो FIR के आधार पर चल रही है। इनमें रिलायंस अनिल अंबानी समूह की कंपनियों पर धोखाधड़ी, रिश्वतखोरी और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं।
ED ने PMLA की धारा 17 के तहत समूह से जुड़े 35 से अधिक परिसरों पर छापेमारी की। जांच 50 से अधिक कंपनियों तक फैली हुई है। मुंबई और दिल्ली में 25 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई। सूत्रों के मुताबिक 2017 से 2019 के बीच यस बैंक से लिए गए करीब 3,000 करोड़ रुपए के कर्ज को सुनियोजित तरीके से डायवर्ट किया गया। शेल कंपनियों के जरिए राउंड ट्रिपिंग और क्विड प्रो क्वो जैसे गंभीर आरोपों की भी जाँच हो रही है।
रिलायंस होम फाइनेंस भी जाँच के घेरे में है। SEBI ने वित्त वर्ष 2017-18 में 3,742.60 करोड़ से बढ़कर 2018-19 में 8,670.80 करोड़ रुपए तक कॉरपोरेट लोन वितरण में उछाल पर सवाल उठाए हैं। SBI ने RCom और अनिल अंबानी को फ्रॉड घोषित किया है। बैंक का एक्सपोजर 2,227.64 करोड़ रुपए फंड आधारित कर्ज और 786.52 करोड़ रुपए बैंक गारंटी का है।

