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जिस पियरे-हेनरी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारत के राफेल गिरने का फैलाया झूठ, वो निकला चीनी जासूस: फ्रांस में गिरफ्तार हुआ पूर्व पायलट, राहुल गाँधी समेत विपक्ष ने माना था इसका प्रोपेगेंडा

फ्रांस का एक्स पायलट शुए चीन के लिए सैन्य विशेषज्ञता उपलब्ध कराई और चीनी सैन्य पायलटों के प्रशिक्षण से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लिया। 'ऑपरेशन सिंदूर' के वक्त इसने अपने यूट्यूब के द्वारा राफेल के गिरने का दावा किया था

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राफेल को लेकर झूठ फैलाने वाला फ्रेंच एयरफोर्स का पूर्व पायलट पियरे-हेनरी शुए (Pierre-Henri Chuet) को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने ही दावा किया था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के वक्त भारत का राफेल गिरा था।

दरअसल यह पाकिस्तान-चीन के युद्ध रणनीति का हिस्सा था, क्योंकि ये दावा किया गया था राफेल विमान को पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल किए गए चीनी विमान ने मार गिराया है। इसमें चीन ने उसका साथ दिया और उसके लिए जासूसी कर रहे इस फ्रांस के एक्स पायलट का इस्तेमाल किया।

इस दावे को भारत की विपक्षी पार्टियों ने हाथों हाथ लिया। सरकार और सेना के लाख समझाने के बाद भी कहते रहे कि कितने राफेल गिराए गए? संसद से सड़क तक उनलोगों ने पाकिस्तान-चीन के प्रोपेगेंडा को हवा देने का काम किया। अब दावा करने वाले का ‘असली चेहरा’ दुनिया के सामने आ गया है।

फ्रांस के इस पूर्व पायलट को चीन के लिए संवेदनशील दस्तावेज चोरी करने को लेकर फ्रांस ने गिरफ्तार किया है और उससे पूछताछ की जा रही है। इससे पहले रणनीति के तहत उसने चीनी जेट विमानों की तारीफ की थी। उसने चीन के लिए सैन्य विशेषज्ञता उपलब्ध कराई और चीन के सैन्य पायलटों के प्रशिक्षण से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लिया।

वह फ्रांसीसी नौसेना में राफेल M उड़ाने वाला पायलट रह चुका है। वह एयर कनाडा में कमर्शियल पायलट रह चुका है। बाद में एविएशन यूट्यूबर और विश्लेषक बन गया।

फ्रांसीसी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उसने 2028-19 में फ्रांस की नौसेना में रहते हुए दो बार चीन की यात्रा बगैर अधिकारियों को बताए की। इस दौरान उसने दक्षिणी विमानन कंपनी के माध्यम से चीनी सैन्य पायलटों को ट्रेनिंग सत्र आयोजित किए। उसने संवेदनशील और सामरिक दृष्टि से अहम जानकारियाँ शेयर की। दावा किया जा रहा है कि उस वक्त से ही वह चीन के लिए ‘काम’ करने लगा। फ्रांस की खुफिया एजेंसी उसे अब हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। उसे न्यायिक जाँच के तहत रखा गया है।

राफेल को लेकर क्या कहा था शुए ने?

भारत ने जब पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान से आतंकों के तार जुड़ने पर पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों को उड़ाने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया और पाकिस्तान में घुस कर इन ठिकानों को उड़ा दिए। मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर में भारत के राफेल विमानों ने पाकिस्तानी सीमा से 100 किलोमीटर अंदर बहावलपुर तक को निशाना बनाया। ये हमले SCALP मिसाइलों से किए गए और खास बात ये रही कि हमला करने के लिए इन्हें पाकिस्तानी सीमा में घुसने की जरूरत भी नहीं पड़ी।

इसके बावजूद चीन के टुकड़ों पर पलने वाले इस फ्रांस के एक्स पायलट शुए ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि भारतीय वायुसेना के राफेल विमान पाकिस्तान के चीनी मूल के लड़ाकू विमानों और PL-15 मिसाइलों के सामने कमजोर साबित हुए। उसने चीनी J-10C और JF-17 की तारीफ करते हुए उन्हें ‘राफेल किलर’ कहा था। ये सारे दावे उसने अपने यूट्यूब पर किए थे, जिसे ate chut के नाम से जाता जाता है। उसने दावा किया था कि चीनी तकनीक के सामने पश्चिमी देश नहीं ठहर रहे हैं।

शुए के इस दावे का भारतीय सेना ने जोरदार खंड़न किया था और कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कोई राफेल नहीं गिरा। यहाँ तक कि राफेल बनाने वाली कंपनी डसॉल्ट एविएशन ने भी इस दावे को बकवास बताया था।

उसने ऐसा क्यों कहा? इसका पता भी अब दुनिया को चल गया है। फ्रांस ने उसे चीन के लिए जासूसी करने और संवेदनशील रक्षा से जुड़ी जानकारियाँ चीन को मुहैया कराने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

चीन पश्चिमी सैन्य विशेषज्ञों का कर रहा इस्तेमाल

चीन पर अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया समेत तमाम विकसित देश सालों से जासूसी करने का आरोप लगाते रहे हैं। चीन इन देशों के पूर्व रक्षा विशेषज्ञों और पायलटों को अपने देश में जासूसी करने के काम में लगाता है और उसे कई तरह से फायदा पहुँचाता है। उन्हें ‘फ्लाइट इंस्ट्रक्टर’ या ‘एविएशन कंसल्टेंट’ जैसे पद ऑफर कर काफी पैसे देता है। पहले नागरिक विमानन प्रशिक्षण के नाम पर अनुबंध करता है और फिर सैन्य प्रशिक्षण से जुड़े काम में लगाता है, लेकिन उसका मुख्य काम चीन के लिए गुप्त सैन्य तकनीक और दस्तावेज लाना होता है।

यह काम वह कई देशों में कर रहा है। रॉयटर्स के मुताबिक, फरवरी 2026 में अमेरिका में भी वायुसेना के एक पूर्व पायलट को चीन के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। फ्रांस का एक्स पायलट शुए भी चीन में सैन्य प्रशिक्षण से जुड़ा था। उसको मुखौटा के रूप में इस्तेमाल कर चीन ने भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के प्रहार को कमतर दिखाने के लिए ‘राफेल के गिरने की’ झूठी खबर फैला कर कूटनीतिक चाल चली।

इस कूटनीतिक चाल में फँस गई भारत की विपक्षी पार्टियाँ, जो ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान सरकार की कमियाँ निकालने में लगी थी। उन्हें शुए के बयान से मौका मिला और देश में गला फाड़ फाड़ कर कहने लगी कि सरकार बताए कि हमारे कितने राफेल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान गिरे? सरकार से सवाल तो समझ में आता है, लेकिन विपक्षी नेताओं ने सेना के आधिकारिक बयान को भी खारिज कर दिया और राफेल पर सवाल दागते रहे।

राहुल गाँधी ने राफेल गिरने का दावा किया था

राहुल गाँधी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान ही विदेशी बयानों और दावों का हवाला देते हुए सरकार से पूछा था कि सैन्य कार्रवाई में भारतीय वायुसेना के कितने राफेल विमानों को नुकसान पहुँचा या गिरे हैं। इस दौरान सरकार हर स्तर पर ये स्पष्ट करती रही कि कोई भी राफेल या भारतीय विमान ऑपरेशन सिंदूर के दौरान क्षतिग्रस्त नहीं हुआ। संसद में भी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साफ शब्दों में ये बातें कही थी। लेकिन राहुल गाँधी और दूसरे विपक्षी नेताओं को विदेशी एजेंटों पर भरोसा था इसलिए सवाल जारी रहे।

यहाँ तक कि भारतीय वायुसेना ने बाद में आधिकारिक तौर पर 36 राफेल के रखरखाव के लिए टेंडर जारी किए। इससे साफ था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारे सारे राफेल सुरक्षित हैं। दस्तावेज में साफ लिखा था कि भारतीय सेना के 36 राफेल के रखरखाव के लिए 5 महीने के लिए ब्रिज सपोर्ट की जरूरत है। दस्तावेज में यह भी जिक्र था कि प्रस्तावित ब्रिज सपोर्ट अनुबंध के दौरान सभी 36 राफेल विमानों के संचालन को ध्यान में रखते हुए उड़ान के घंटे गिने गए।

यह एक तरह से राहुल गाँधी और दूसरे नेताओं के मुँह पर तमाचे की तरह था। दरअसल राहुल गाँधी का चीन प्रेम काफी पुराना है। इस मामले में भी चीनी विमान की बात थी। क्योंकि दावा किया जा रहा था कि चीनी विमान ने ही राफेल को गिराया।

राहुल गाँधी का चीन प्रेम

मार्च 2023 में कैम्ब्रिज जज पब्लिक स्कूल में एक विवादास्पद बयान दिया। इसमें उन्होंने चीन को ‘उभरती हुई महाशक्ति’ बताया था। उन्होंने ये भी दावा किया था कि चीन में सामाजिक समरसता है। चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी से राजीव गाँधी फाउंडेशन को पैसे मिलने की बात भी सामने आई

2022 में द प्रिंट की कॉलमिस्ट श्रुति कपिला के साथ बातचीत के दौरान राहुल गाँधी ने चीन के विवादास्पद वेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव (BRI) के भी कसीदे पढ़े थे। इसे उन्होंने ‘समृद्धि’ कहा जबकि चीन की ये पहल कई देशों को कर्ज के जाल में फँसाने के लिए बदनाम है।

2023 में लद्दाख का दौरा करने के दौरान राहुल गाँधी ने दावा किया था कि चीन ने लद्दाख में भारत की चरागाह भूमि पर कब्जा कर लिया है। इससे पहले मई 2022 में अपने यूके दौरे के दौरान उन्होंने कहा था कि “लद्दाख चीन के लिए वही है जो यूक्रेन, रूस के लिए है।”

मार्च 2023 में कैम्ब्रिज जज पब्लिक स्कूल में एक विवादास्पद बयान दिया। इसमें उन्होंने चीन को ‘उभरती हुई महाशक्ति’ बताया था। उन्होंने ये भी दावा किया था कि चीन में सामाजिक समरसता है।

इससे पता चलता है कि राहुल गाँधी का चीनी प्रेम कोई आज का नहीं है। राफेल के विमान को दुनियाभर में बदनाम करने के लिए जो चीनी साजिश रची गई उसमें कॉन्ग्रेस पार्टी और वामपंथी मीडिया भी शामिल रहे। भारत के 36 राफेल खरीदने को लेकर घोटाले का आरोप लगाया। जब इससे बात नहीं बनी तो ऑपरेशन सिंदूर में राफेल के गिरने की कहानी गढ़ी गई।

अब साफ हो चुका है कि न तो राफेल गिरा और न ही ऑपरेशन सिंदूर में भारत को किसी तरह की क्षति हुई। भारत ने पाकिस्तान में घुसकर दुश्मन के छक्के छुड़ाए और विपक्ष को भी लगातार चुनावों में हरा कर ये साबित कर दिया कि देश की जनता उसके साथ है। वह विपक्ष के बहकावे में नहीं आ सकती है।

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रुपम
रुपम
रुपम के पास 20 साल से ज्यादा का पत्रकारिता का अनुभव है। जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा। जी न्यूज से टेलीविज़न न्यूज चैनल में कामकाज की शुरुआत। सहारा न्यूज नेटवर्क के प्रादेशिक और नेशनल चैनल में टेलीविज़न की बारीकियाँ सीखीं। सहारा प्रोग्रामिंग टीम का हिस्सा बनकर सोशल मुद्दों पर कई पुरस्कार प्राप्त डॉक्यूमेंट्री का निर्माण किया। एडिटरजी डिजिटल हिन्दी चैनल में न्यूज एडिटर के तौर पर काम किया।

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