जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती का भारत विरोधी और राष्ट्र विरोधी रवैया किसी से छिपा नहीं है। वे अक्सर ऐसे कृत्यों में लिप्त नजर आती हैं जिससे देश की भावनाओं को ठेस पहुँचे। 5 अगस्त के दिन को वे हमेशा से ‘काला दिवस’ के रूप में मनाती आई हैं और अनुच्छेद 370 को वापस लिए जाने के विरोध में प्रदर्शन करती रही हैं।
लेकिन इस बार उन्होंने विरोध के नाम पर जो हरकत की, उसने देशवासियों का खून खौला दिया। श्रीनगर में अपनी पार्टी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन के दौरान महबूबा मुफ्ती ने भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को उल्टा पकड़ रखा था। उनके इस शर्मनाक कृत्य का Video सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया और उनकी मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
महबूबा मुफ्ती के इस कृत्य को महज एक गलती नहीं माना जा सकता है क्योंकि उनका पुराना ट्रैक रिकॉर्ड हमेशा से भारत विरोधी बयानों से भरा रहा है। चाहे भारतीय वायु सेना की एयर स्ट्राइक पर सवाल उठाना हो, एयर इंडिया के ‘जय हिंद‘ बोलने वाले सर्कुलर पर तंज कसना हो या फिर देश के राष्ट्रीय प्रतीकों का अनादर करना हो, उन्होंने हर मौके पर अपनी ओछी मानसिकता का परिचय दिया है।
आपको बता दें कि आज ही के दिन 5 अगस्त को मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 को हटाया था और ये देश के लिए एक इतिहास रचने जैसा था, जिससे करोड़ों देशवासियों को इस काले कानून से राहत मिली थी। लेकिन कुछ वामपंथी और कट्टरपंथी विचारधारा के लोगों को ये बात हजम नहीं हुई थी, उन्होंने बड़े लेवल पर इसका विरोध किया था। कश्मीर में महबूबा मुफ्ती, उमर अब्दुल्ला आदि पार्टी के लोगों ने जमकर बवाल मचाया था। लेकिन कश्मीर की जमीन पर कितने नागरिकों को 370 हटाए जाने से खुशी मिली थी, उससे महबूबा मुफ्ता को कोई लेना-देना नहीं था।
आज भी वहीं रवैया देखने को मिल रहा है। अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर महबूबा मुफ्ती इसे काला कानून बताती है। इसके अलावा, महबूबा मुफ्ती का एक वीडियो भी आपको देखने को मिलेगा, जिसमें वे तिरंगे को उल्टा पकड़कर विरोध प्रदर्शन करती नजर आ रही है। इससे यह साफ साबित करता है कि उनके दिल में देश के सम्मान के प्रति कितनी नफरत और लापरवाही भरी पड़ी है।
People should learn to hold theTricolour with the utmost respect and never violate the Flag Code of India. It is disappointing to see a senior political leader like #MehboobaMufti holding the #NationalFlag upside down. Public figures have a responsibility to set the right example pic.twitter.com/M1hPHmthyT
— Smriti Sharmaa (@SmritiSharma_) August 5, 2026
तिरंगे का अपमान करने पर क्या सजा मिलती है?
हमारे देश के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का अपमान करना एक बेहद गंभीर और गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है। भारत के संविधान और कानूनों के तहत राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को बनाए रखने के लिए बेहद सख्त नियम तय किए गए हैं। राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत कोई भी व्यक्ति यदि राष्ट्रीय ध्वज या संविधान का अपमान करता है, उसे विकृत करता है, जलाता है या जानबूझकर उसका अनादर करता है, तो उसे सख्त सजा दी जाती है। इस कानून की धारा 2 के तहत दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की कैद या भारी जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किए जाने का प्रावधान है।
भारतीय ध्वज संहिता, 2002 के अनुसार भी तिरंगे को फहराने, इस्तेमाल करने और इसके आकार-प्रकार को लेकर कड़े नियम बनाए गए हैं। इसके मुताबिक तिरंगे का आकार हमेशा आयताकार होना चाहिए और इसकी लंबाई-चौड़ाई का अनुपात 3:2 होना चाहिए। तिरंगे को कभी भी कटा-फटा, गंदा या उल्टा नहीं फहराया जा सकता है। इसके अलावा ध्वज पर कुछ भी लिखना, इसे जमीन पर छूने देना या इसे किसी अन्य रूप में इस्तेमाल करना भी कानूनी अपराध है। महबूबा मुफ्ती ने जो तिरंगे को उल्टा पकड़ा है, वे सीधे तौर पर राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम के नियमों का खुला उल्लंघन है और इस पर कानूनी कार्रवाई की माँग सोशल मीडिया पर लगातार जोर पकड़ रही है।
सोशल मीडिया पर महबूबा मुफ्ती के खिलाफ जनता का गुस्सा
इस पूरी घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जनता का गुस्सा फूट पड़ा है और लोग महबूबा मुफ्ती को जमकर खरी-खोटा सुना रहे हैं। कुछ लोग महबूबा मुफ्ती को तिरंगा पकड़ना सीखा रहे हैं, तो कुछ लोग इसे भारत विरोधी कारनामा बता रहे हैं। इसके अलावा, अन्य लोगों ने महबूबा मुफ्ती को ‘सजा होनी चाहिए’ जैसी माँग उठाई है।
यूजर सुरभि तिवारी ने तीखा तंज कसते हुए लिखा, “मैडम महबूबा मुफ्ती (@MehboobaMufti) पहले झंडा सीधा तो पकड़ना सीख लीजिए…”
मैडम @MehboobaMufti पहले झंडा सीधा तो पकड़ना सीख लीजिए…. pic.twitter.com/jbtS0pNlZu
— Surabhi🇮🇳 (@surabhi_tiwari_) August 5, 2026
अन्य यूजर पॉलिटिकल कीड़ा ने लिखा, “एक बार जो राष्ट्रविरोधी होता है, वह हमेशा राष्ट्रविरोधी ही रहता है। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती को भारतीय झंडा उल्टा पकड़े हुए देखा गया है। भारत के खिलाफ जहर उगलने के उनके पुराने ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए, यह कोई गलती नहीं बल्कि भारत का मजाक उड़ाने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास है।”
Once an anti-national, always an anti-national.
— Political Kida (@PoliticalKida) August 5, 2026
PDP chief Mehbooba Mufti is seen holding the Indian flag upside down.
Given her track record of spewing venom against India, this isn't a mistake but a deliberate attempt to mock India pic.twitter.com/M6UuIWZl6z
इसके अलावा, एक यूजर शोभित अग्रवाल ने लिखा, “ध्यान से देखिए ये वो ही महबूबा मुफ्ती है जो कुछ दिन पहले जंतर मंतर पर छात्रों के आंदोलन के नाम पर कश्मीर में धारा 370 हटने का विरोध कर रही थी। ये वो ही महबूबा मुफ्ती है जिनको भारत के राष्ट्रीय ध्वज तक का ज्ञान नहीं। राष्ट्रीय ध्वज का अपमान कर महबूबा मुफ्ती ने फिर साबित किया है कि मानसिकता सदैव भारत विरोधी थी, भारत विरोधी है और हमेशा रहेगी भी।”
ध्यान से देखिए ये वो ही महबूबा मुफ्ती है जो कुछ दिन पहले जंतर मंतर पर छात्रों के आंदोलन के नाम पर कश्मीर में धारा 370 हटने का विरोध कर रही थी। ये वो ही महबूबा मुफ्ती है जिनको भारत के राष्ट्रीय ध्वज तक का ज्ञान नही। राष्ट्रीय ध्वज का अपमान कर महबूबा मुफ्ती ने फिर साबित किया है कि…
— Shobbhit Agarwal (@TheShobhitAzad) August 5, 2026
यूजर स्मृति शर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “लोगों को तिरंगे को अत्यधिक सम्मान के साथ पकड़ना सीखना चाहिए और भारत के ध्वज संहिता का कभी उल्लंघन नहीं करना चाहिए। महबूबा मुफ्ती जैसी वरिष्ठ राजनीतिक नेता को राष्ट्रीय ध्वज उल्टा पकड़े हुए देखना बेहद निराशाजनक है। सार्वजनिक हस्तियों की जिम्मेदारी होती है कि वे सही उदाहरण पेश करें।”
People should learn to hold theTricolour with the utmost respect and never violate the Flag Code of India. It is disappointing to see a senior political leader like #MehboobaMufti holding the #NationalFlag upside down. Public figures have a responsibility to set the right example pic.twitter.com/M1hPHmthyT
— Smriti Sharmaa (@SmritiSharma_) August 5, 2026
5 अगस्त का ऐतिहासिक दिन और मोदी सरकार द्वारा आर्टिकल 370 की समाप्ति
अब जान लेते है कि जिस 5 अगस्त को महबूबा मुफ्ती ‘काला दिन’ बताती है, उस दिन क्या हुआ था। दरअसल, केंद्र की मोदी सरकार ने 5 अगस्त 2019 को एक बेहद ऐतिहासिक और साहसिक कदम उठाते हुए जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 और 35A को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया था। आर्टिकल 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर पूरी तरह भारत के बाकी राज्यों की तरह संविधान के दायरे में आ गया था। दशकों से जिस स्पेशल स्टेटस की आड़ में कुछ राजनीतिक दल अपनी रोटियाँ सेकते रहे थे और अलगाववाद को बढ़ावा देते रहे थे, मोदी सरकार ने उस दीवार को हमेशा के लिए गिरा दिया था। इस ऐतिहासिक फैसले को लिए अब पूरे 7 साल हो चुके हैं और यह निर्णय देश की अखंडता और संप्रभुता के लिए मील का पत्थर साबित हुआ है।
आर्टिकल 370 हटने के बाद से जम्मू-कश्मीर की तस्वीर पूरी तरह से बदल चुकी है। जिस घाटी में कभी आतंकवाद और अलगाववाद का बोलबाला था, आज वहाँ शांति और विकास की बयार बह रही है। लेकिन ये सब महबूबा मुफ्ती को क्यों ही पसंद आएगी। मोदी सरकार के इस मास्टरस्ट्रोक ने यह साबित कर दिया कि देशहित में कड़े फैसले कैसे लिए जाते हैं। महबूबा मुफ्ती जैसे नेता जो इस ऐतिहासिक बदलाव को पचा नहीं पा रहे हैं, वे आज भी ओछी राजनीति करने पर आमादा हैं, जबकि आम कश्मीरी जनता विकास के रास्ते पर आगे बढ़ चुकी है।
आर्टिकल 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में आए बड़े बदलाव
अनुच्छेद 370 के खात्मे के बाद से जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बहुत अच्छी हो गई है। घाटी में पत्थरबाजी, हड़ताल और आतंकी घटनाएं अब ना के बराबर होती हैं। इससे आम लोगों का जीवन पूरी तरह से सुरक्षित और सामान्य हो गया है।
इलाके में विकास की रफ्तार तेज हुई है। उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक और दुनिया के सबसे ऊँचे चिनाव रेल पुल जैसी बड़ी परियोजनाओं से यहाँ की कनेक्टिविटी मजबूत हुई है। साथ ही, दूर-दराज के गाँवों को भी पक्की सड़कों के जरिए मुख्य शहरों से जोड़ा जा रहा है।
अब देश के सारे कानून सीधे तौर पर जम्मू-कश्मीर में भी लागू होते हैं। इससे महिलाओं, दलितों, एससी और एसटी वर्गों को उनके हक और आरक्षण का पूरा लाभ मिलने लगा है। समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ने का बराबर मौका मिल रहा है।
घाटी में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। इससे होटल, टैक्सी और हस्तशिल्प (हैंडीक्राफ्ट) जैसे स्थानीय कारोबारों को नई ताकत मिली है। इन सभी बदलावों से आम लोगों की कमाई और प्रति व्यक्ति आय में भी अच्छी खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।


