100 लोगों की भीड़ लेकर अरविंद केजरीवाल PM आवास तक करना चाहते थे मार्च, दिल्ली पुलिस ने नहीं दी परमिशन: जानिए क्या हैं 7 लोक कल्याणमार्ग इलाके को लेकर नियम

राजनीतिक रोटियाँ सेकने की अपनी फितरत से बाज न आते हुए आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार (4 अगस्त) को एक बार फिर सस्ता प्रोपेगेंडा फैलाने की घटिया कोशिश की। E20 पेट्रोल के झूठे मुद्दे पर केजरीवाल अपने 100 अंधभक्त समर्थकों की भीड़ लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास (PM Awas) के बाहर धरना-प्रदर्शन करने पहुँच रहे थे, लेकिन सतर्क दिल्ली पुलिस ने उनके इस ड्रामे पर पानी फेरते हुए परमिशन देने से साफ इनकार कर दिया। अरविंद केजरीवाल और उनके समर्थकों को दिल्ली पुलिस ने फिरोजशाह रोड पर ही रोक दिया था, जिसके बाद सभी प्रदर्शनकारी उसी रोड पर बैठ गए।

दिल्ली पुलिस ने नहीं दी इजाजत

प्रधानमंत्री आवास (PM Awas) और 7 लोक कल्याण मार्ग के आसपास का इलाका देश के सबसे सुरक्षित और संवेदनशील क्षेत्रों में आता है। यहाँ कोई भी सिरफिरा अपनी मनमानी नहीं कर सकता।

नो प्रोटेस्ट जोन- पीएम आवास (PM Awas) के 1 किलोमीटर के दायरे का पूरा इलाका सख्त रूप से ‘नो प्रोटेस्ट जोन’ है, जहाँ किसी भी प्रकार के प्रदर्शन या जुलूस के लिए दिल्ली पुलिस की अनुमति अनिवार्य होती है।

त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था- इस अति-सुरक्षित क्षेत्र में पीएम आवास (PM Awas) के बाहर हमेशा दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स का कड़ा पहरा रहता है, जबकि अंदर एसपीजी (SPG) का अचूक सुरक्षा कवच होता है।

धारा 163 का शिकंजा– यहाँ हमेशा धारा 163 लागू रहती है, जिसके तहत किसी भी तरह के अवैध जमावड़े की सख्त मनाही है। नियम तोड़ने या संदिग्ध हरकत करने पर पुलिस सीधे गिरफ्तार करने का अधिकार रखती है।

इन्हीं कड़े नियमों का हवाला देते हुए पुलिस ने साफ कर दिया कि कानून सबके लिए बराबर है। याद कीजिए, ठीक इसी तरह जब 21 जुलाई 2026 को बिना किसी पूर्व सूचना या अनुमति के राहुल गाँधी, प्रियंका गाँधी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई काँग्रेसी नेता छात्रों की आड़ में ड्रामा करने पीएम आवास (PM Awas) पहुँचे थे, तो दिल्ली पुलिस ने उनकी हेकड़ी निकालते हुए सबको हिरासत में ले लिया था। अब बिल्कुल वैसा ही हाई-वोल्टेज और घटिया ड्रामा केजरीवाल अपने साथियों के साथ वहाँ रचने की फिराक में थे।

केजरीवाल की नौटंकी और उनका खोखला एजेंडा

आम आदमी पार्टी के मुखिया केजरीवाल का रोना है कि उन्होंने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर E20 पेट्रोल पर अपनी फर्जी चिंताएँ जताई थीं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसलिए वे 2 लाख लोगों के फर्जी हस्ताक्षर वाले कागजात लेकर खुद पीएम मोदी को सौंपने का ढोंग रचना चाहते थे।

वे जनता को यह मूर्खतापूर्ण ज्ञान दे रहे हैं कि E20 के साथ शुद्ध पेट्रोल का विकल्प भी मिलना चाहिए। लेकिन शुद्ध पेट्रोल का ढोंग रचने वाले केजरीवाल अच्छी तरह जानते हैं कि देश में 10 फीसदी इथेनॉल मिश्रित (E10) पेट्रोल साल 2022 से ही सफलतापूर्वक मिल रहा है।

इसे बढ़ाकर अप्रैल 2026 में E20 (यानी 20 फीसदी इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) किया गया है। जहाँ तक शुद्ध पेट्रोल का सवाल है, तो ‘XP100’ जैसे प्रीमियम ब्रांड बाज़ार में पहले से मौजूद हैं, जिनकी कीमत उनकी प्रीमियम क्वालिटी के हिसाब से है।

सरकार पहले ही दूध का दूध और पानी का पानी करते हुए यह स्पष्ट कर चुकी है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालातों और संकट के समय इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का विकल्प न अपनाया जाता, तो देश में पेट्रोल की कीमतें आसमान छूते हुए 125 रुपए प्रति लीटर तक पहुँच जातीं। इन तथ्यों से पूरी तरह वाकिफ होने के बावजूद केजरीवाल सिर्फ जनता को भड़काने और आंदोलित करने के कुत्सित प्रयासों में जुटे हैं।

मीडिया की सुर्खियों में बने रहने की सस्ती भूख

असली सच्चाई तो यह है कि कुछ समय पहले जब राहुल गाँधी ने छात्र आंदोलन के नाम पर पीएम मोदी के घर (PM Awas) के बाहर नौटंकी की थी और देश भर का मीडिया उन्हें कवर कर रहा था, तब से केजरीवाल की बेचैनी बढ़ गई थी।

राहुल गाँधी की देखा-देखी अब अरविंद केजरीवाल भी वही सस्ती लोकप्रियता पाना चाहते हैं। उन्हें लगता है कि E20 जैसे झूठे मुद्दे पर वे पीएम आवास (PM Awas) के सामने पहुँचकर एक बार फिर ‘सीन क्रिएट’ कर लेंगे और मीडिया में लाइमलाइट बटोर लेंगे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उनकी इस गंदी चाल को पहले ही नाकाम कर दिया।