क्लीनिक मैनेजर मोहम्मद शहजाद ने ‘शब्बू कुमार’ बनकर किया हिंदू ट्रेनी का बलात्कार, प्रेग्नेंट हुई तो बोला- मुँह खोला तो प्राइवेट तस्वीरें कर दूँगा वायरल : दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार

दिल्ली में 45 साल के मुस्लिम क्लिनिक मैनेजर मोहम्मद शहजाद को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उस पर 18 साल की हिंदू ट्रेनी युवती का रेप करने, उसे गर्भवती करने और धर्मांतरण का दबाव डालने के आरोप है। घटना की तुलना नासिक TCS केस से की जा रही है। यह मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर स्वाति गोयल शर्मा की एक पोस्ट के बाद चर्चा में आया।

क्लिनिक में ‘शब्बू कुमार’ के नाम से जानते थे स्टाफ

यह घटना एक हिंदू डॉक्टर के क्लिनिक की है, जहाँ शहजाद मैनेजर के तौर पर काम करता था। वह स्टाफ की सैलरी और क्लिनिक के रोजमर्रा के कामकाज को संभालता था। पीड़िता ने स्कूल खत्म करने के बाद यहाँ बिना सैलरी वाली ट्रेनी के रूप में काम शुरू किया था। उससे कहा गया था कि 6 महीने बाद उसके काम के आधार पर उसे स्टाइपेंड दिया जाएगा।

शिकायत के मुताबिक, शहजाद ने धीरे-धीरे लड़की का भरोसा जीता। वह उसे ‘बच्चा’ कहकर बुलाता था और कपड़े खरीदकर देता था। वह कहता था कि बिना वेतन काम करने की भरपाई के लिए ऐसा कर रहा है। धीरे-धीरे उसका व्यवहार बदल गया और मामला यौन शोषण तक पहुँच गया।

क्लिनिक में लोग उसे ‘शब्बू कुमार’ के नाम से जानते थे और लड़की भी उसे इसी नाम से जानती थी। बाद में उसे पता चला कि शहजाद का पहले से निकाह हो चुका है और उसके दो बच्चे भी हैं। जब लड़की गर्भवती हुई, तो शहजाद ने उससे दूसरी बीवी के तौर पर निकाह करने की बात कही। तब लड़की को उसके मुस्लिम होने की जानकारी मिली।

रिश्ता खत्म करने की कोशिश के बाद धमकी, पुलिस ने किया गिरफ्तार

कुछ महीने पहले जब लड़की ने उससे सारे संबंध खत्म करने का फैसला किया, तो मामला और गंभीर हो गया। आरोप है कि शहजाद ने उसे धमकाना शुरू कर दिया। उसने कहा कि वह लड़की की निजी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर लीक कर देगा, जो उसने रिकॉर्ड किए थे।

आरोप यह भी है कि शहजाद उस पर धर्मांतरण का दबाव भी बना रहा था। लगातार मिल रही धमकियों की वजह से लड़की डर और तनाव में रहने लगी। इसके बाद प्रीत नाम के एक व्यक्ति की मदद से लड़की ने बादली थाने पहुँचकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

दिल्ली पुलिस ने शहजाद को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पीड़िता अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से है और शिकायत दर्ज कराने से पहले वह लगातार दबाव और धमकियों का सामना कर रही थी। फिलहाल मामले की जाँच जारी है और पीड़िता को जरूरी देखभाल और सहायता दी जा रही है।