तिहाड़ में बनी आतंकी अफजल गुरु और मकबूल भट्ट की कब्र हटाने वाली याचिका HC ने की खारिज, कहा- 12 साल पुराने केस पर सुनवाई उचित नहीं

दिल्ली हाई कोर्ट ने आतंकवादी अफजल गुरु और मकबूल भट्ट की तिहाड़ जेल में बनी कब्रों को हटाने की माँग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि यह मामला 12 साल पुराना है और इतने सालों बाद इस पर सुनवाई करना उचित नहीं है। यह याचिका विश्व वैदिक सनातन संघ की ओर से दायर की गई थी।

जानकारी के अनुसार, चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की बेंच ने याचिकाकर्ता से पूछा कि 2013 के इस मामले पर अब क्यों सुनवाई की जाए। कोर्ट ने कहा कि सरकार का फैसला उचित था और इतने सालों बाद इसमें दखल देना सही नहीं होगा।

फिर भी, कोर्ट ने याचिकाकर्ता की इस दलील से सहमति जताई कि कब्रें तीर्थयात्रा या महिमा स्थल नहीं बन सकतीं। कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिका सिर्फ अखबारों की रिपोर्टों पर आधारित है और इस बात का कोई ठोस सबूत नहीं है कि इन कब्रों को तीर्थ स्थल बनाया जा रहा है।

याचिकाकर्ता ने याचिका वापस लेने की अनुमति माँगी, ताकि वह नए सबूतों के साथ दोबारा याचिका दायर कर सकें। कोर्ट ने इसकी अनुमति दे दी। याचिका में कहा गया था कि इन कब्रों से आतंकवाद को बढ़ावा मिल रहा है और यह जेल के नियमों का उल्लंघन है।