हमें उकसाओ मत: बांग्लादेश में बढ़ा भारत विरोधी माहौल तो त्रिपुरा में सड़क पर उतरे टिपरा मोथा संगठन के लोग, 1971 के युद्ध की दिलाई याद

त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में शुक्रवार(19 दिसंबर 2025) को टिपरा मोथा पार्टी की युवा शाखा ने बांग्लादेशी नेताओं के भारत विरोधी बयानों के खिलाफ प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन बांग्लादेश में कट्टरपंथी नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद वहाँ के नेताओं द्वारा भारत विरोधी माहौल तैयार करने के जवाब में हुआ। प्रदर्शनकारियों ने पड़ोसी देश को 1971 के युद्ध की याद दिलाते हुए चेतावनी दी।

टिपरा मोथा प्रमुख प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा ने इसे मिनी पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई बताया और युवाओं को राजनीतिक जागरूक होने का संदेश दिया। YTF अध्यक्ष सूरज देबबर्मा ने कहा कि भारत की सुरक्षा और सम्मान के लिए सीमा की रक्षा करना हर नागरिक का धर्म है। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए सुरक्षा कड़ी कर दी है।

देबबर्मा ने कहा, “हम विरोध कर रहे हैं क्योंकि बांग्लादेशी नेता नॉर्थ-ईस्ट के बारे में गलत बयान दे रहे हैं… हम भारत के जिम्मेदार नागरिक हैं और एक हैं। यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी जमीन और अपने देश की रक्षा करें। इसलिए हमें न उकसाएँ।”

बांग्लादेश में चुनाव से पहले भारत विरोधी माहौल तैयार करने में कट्टरपंथी पार्टियों और पाकिस्तान की ISI का हाथ बताया जा रहा है। साथ ही, चीन भी मोहम्मद यूनूस के जरिए पूर्वोत्तर भारत पर नजर रख रहा है। चीन और पाकिस्तान की रणनीति, बांग्लादेश के कट्टरपंथियों को उकसाकर भारत को कमजोर करना है, खासकर चिकन नेक क्षेत्र पर कब्जा करने की योजना।