दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी शब्बीर अहमद लोन को दिल्ली बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया है। शब्बीर अहमद बांग्लादेश में बैठकर ISI के इशारे पर भारत में आतंकी मॉड्यूल चला रहा था। पिछले महीने दिल्ली पुलिस ने इस आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर दिया था।
शब्बीर अहमद को इससे पहले साल 2007 में आतंकी गतिविधियों के आरोपों में गिरफ्तार किया जा चुका है। साल 2019 में जमानत मिलने के बाद वह बांग्लादेश भाग गया। बांग्लादेश से उसने आतंकी मॉड्यूल बनाया, जिसके बाद से वह सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर था।
Shabir Ahmed Lone, LeT terrorist, handler of the recently busted LeT module in Metro Poster Case, has been arrested by a team of Special Cell/NDR: Delhi Police
— ANI (@ANI) March 30, 2026
कौन है शब्बीर अहमद लोन?
शब्बीर अहमद लोन जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित कंगन इलाके का रहने वाला है। वह हाल ही में दिल्ली से पकड़े गए आतंकी नेटवर्क का मास्टरमाइंड है। शब्बीर अहमद को साल 2007 में दिल्ली पुलिस ने AK-47 और ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया गया था और उस पर एक राजनीतिक नेता की हत्या के लिए ‘फिदायीन’ मिशन पर आने का आरोप था। वह कई सालों तक जेल में रहा और साल 2019 में रिहा हुआ।
रिहाई के बाद वह दोबारा बांग्लादेश चला गया, जहाँ उसने लश्कर-ए-तैयबा से संपर्क फिर से स्थापित किया और अपने नेटवर्क को सक्रिय करना शुरू कर दिया। शब्बीर अहमद ISI के कहने पर भारत-विरोधी गतिविधियों का हिस्सा था।
दिल्ली पुलिस ने अलग-अलग शहरों से पकड़ा आतंकी नेटवर्क
जाँच के दौरान स्पेशल सेल की टीम कोलकाता पहुँची, जहाँ स्थानीय पुलिस की मदद से दो लोगों उमर फारूक और बांग्लादेशी रोबिल उल इस्लाम को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने दिल्ली के कई स्थानों पर आतंकी संगठनों के समर्थन में पोस्टर लगाए थे। जाँच में यह भी सामने आया कि उन्हें निर्देश बांग्लादेश में बैठे शब्बीर अहमद लोन से मिल रहे थे।
दरअसल, 07 फरवरी 2026 को दिल्ली के कश्मीरी गेट, सुप्रीम कोर्ट, जनपथ और आसपास के अन्य मेट्रो स्टेशनों के पिलरों पर देश-विरोधी और आतंकियों को समर्थन करने वाले पोस्टर लगाए गए। इस पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल टीम ने जाँच शुरू की।
टीम ने कोलकाता पहुँचकर उमर फारूक और बांग्लादेशी नागरिक रोबिल उल इस्लाम को गिरफ्तार किया। वहीं तमिलनाडु से बांग्लादेशी नागरिक मिजानुर रहमान, मोहम्मद शबाहत, उमर, मोहम्मद लितान, मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद उज्जल को गिरफ्तार किया गया था। जिन्होंने स्वीकार किया कि शब्बीर अहमद के कहने पर ये पोस्टर लगाए गए थे। ऐसे ही पोस्टर कोलकाता के मेट्रो स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी मिले थे।

