TTP और IS-KP की आड़ में पाकिस्तान की कायरता, रमजान में अफगानी सीमा पर फाइटर जेट्स से बरसाए बम: 1 ही परिवार के 19 लोगों समेत दर्जनों की मौत

पाकिस्तान ने एक बार फिर पड़ोसी देश अफगानिस्तान की सीमा का उल्लंघन करते हुए हवाई और ड्रोन हमले किए हैं। इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। अफगानिस्तान का आरोप है कि पाकिस्तान ने सैन्य ठिकानों के बजाय रिहायशी इलाकों और मदरसे को निशाना बनाया, जिसमें बड़ी संख्या में निर्दोष नागरिक मारे गए।

अफगान अधिकारियों के मुताबिक, पक्तिका और नंगरहार प्रांत में हुए हमलों में एक ही परिवार के 19 लोगों की जान चली गई, जिनमें बुजुर्गों से लेकर मासूम बच्चे तक शामिल हैं। कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं और मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

इसके अलावा बरमल जिले में एक मदरसे को भी निशाना बनाया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि हमले अचानक किए गए, जिससे लोग संभल भी नहीं पाए और पूरे इलाके में दहशत फैल गई। अफगान अधिकारियों ने साफ कहा है कि इस हमले का बहुत जल्द बदला लिया जाएगा।

मीर यार बलोच ने कहा- रमजान से पहले हमले की थी धमकी

अफगान अधिकारियों के मुताबिक, पक्तिका प्रांत के बरमल जिले और नंगरहार प्रांत में देर रात किए गए पाकिस्तानी हवाई और ड्रोन हमलों में भारी तबाही हुई। बेहसूद जिले के एक रिहायशी इलाके में बम गिरने से एक ही परिवार के 19 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 80 साल के बुजुर्ग से लेकर एक साल का मासूम बच्चा तक शामिल है।

घर में मौजूद 21 लोगों में से सिर्फ दो ही गंभीर हालत में बच पाए। बलूच एक्टिविस्ट मीर यार बलोच ने इस हमले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पाकिस्तान की कायर फौज ने एक बार फिर अफगानिस्तान की हवाई सीमा का उल्लंघन किया और पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में ड्रोन और हवाई हमले किए।

मीर यार बलोच ने इसे ‘दमनकारी सैन्य कार्रवाई’ करार दिया और कहा कि इस तरह की कार्रवाई क्षेत्र में अस्थिरता और नफरत को और बढ़ाएगी. उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने रमजान से पहले कार्रवाई की धमकी दी थी।

आतंक के नाम पर कार्रवाई, अपनी नाकामी छिपाने का आरोप

पाकिस्तान ने इन हमलों को आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई बताया है, लेकिन तालिबान का कहना है कि पाकिस्तान अपनी सुरक्षा में हुई चूकों और आतंकी हमलों की नाकामी का ठीकरा अफगानिस्तान पर फोड़ रहा है। उनका आरोप है कि सीमा पार बमबारी करके निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता।

तालिबान ने चेतावनी दी है कि इस हमले का जवाब दिया जाएगा। पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने कहा कि खुफिया जानकारी के आधार पर सीमा पार सात आतंकी कैंप और ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस्लामाबाद का दावा है कि ये ठिकाने प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और इस्लामिक स्टेट-खोरासान (ISKP) से जुड़े लोगों के थे।

हालाँकि अफगान तालिबान ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पाकिस्तान अपनी सुरक्षा नाकामियों को छिपाने के लिए अफगान जमीन को निशाना बना रहा है। तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताते हुए चेतावनी दी कि इस कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा।