CWG 26 में भारतीय खिलाड़ियों ने 1 ही दिन में बटोरे 8 पीले तमगे, मुक्केबाज रहे सबसे आगे: अंकतालिका में चौथे नंबर पर पहुँचा भारत, PM मोदी ने दी बधाई

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार (1 अगस्त 2026) का दिन भारत के लिए बेहद यादगार साबित हुआ। प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबलों से पहले भारतीय खिलाड़ियों ने कई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की झोली में एक ही दिन में 8 स्वर्ण पदक डाल दिए।

मुक्केबाजी, जूडो और पैरा स्पोर्ट्स में मिले इन ऐतिहासिक परिणामों की बदौलत भारत अब पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुँच गया है। भारत के खाते में अब तक कुल 39 पदक आ चुके हैं, जिनमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल हैं।

मेडल टैली में ऑस्ट्रेलिया 62 स्वर्ण पदकों के साथ शीर्ष पर बना हुआ है, जबकि इंग्लैंड 26 स्वर्ण पदकों के साथ दूसरे और कनाडा तीसरे स्थान पर है। एक दिन पहले भारत अंक तालिका में 10वें नंबर पर था।

भारत का नाम रौशन करने वाले सभी खिलाड़ियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बधाई दी। पीएम मोदी ने CWG 2026 में खिताब जीतने वाले खिलाड़ियों के साथ ही पैरा खेलों में भारत को 20 साल बाद पदक दिलाने वाले सोमण राणा की जमकर तारीफ की।

पुरुषों की F57 शॉट पुट स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतने वाले सोमण राणा को बधाई देते हुए पीएम मोदी ने लिखा, “सोमण राणा ने इतिहास रच दिया है। पुरुषों की F57 शॉट पुट स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने पर उन्हें हार्दिक बधाई। इस शानदार उपलब्धि के साथ उन्होंने इस स्पर्धा में भारत को पहला कॉमनवेल्थ स्वर्ण पदक दिलाया है। पूरे मुकाबले के दौरान उनका फोकस और अटूट संकल्प साफ दिखाई दिया। उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ।”

मुक्केबाजी में भारतीय खिलाड़ियों ने रचा इतिहास, 7 गोल्ड और 3 सिल्वर पर किया कब्जा

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन अब तक का सर्वश्रेष्ठ रहा। भारत ने मुक्केबाजी में कुल 10 पदक जीते, जिनमें 7 स्वर्ण और 3 रजत शामिल हैं। महिला मुक्केबाजों ने भी शानदार खेल दिखाते हुए पाँच स्वर्ण पदक अपने नाम किए।

स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों में जैस्मिन लम्बोरिया (57 Kg), प्रीति पवार (54 Kg), प्रिया सांगवान (60 Kg), साक्षी चौधरी (51 Kg), अरुंधति चौधरी (70 Kg), सचिन सिवाच (60 Kg) और अंकुश पंघाल (70 Kg) शामिल रहे। वहीं रजत पदक लवलीना बोरगोहेन (75 Kg), जादुमणि सिंह (55 Kg) और नरेंद्र बेरवाल (+90 Kg) ने जीते।

इससे पहले भारत का मुक्केबाजी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2018 के गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में रहा था, जब टीम ने तीन स्वर्ण सहित सात पदक हासिल किए थे। इस बार भारतीय मुक्केबाजों ने उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया।

जूडो और पैरा स्पोर्ट्स में भी चमका भारत, एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह ने बनाया नया रिकॉर्ड

जूडो में भी भारत ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। महिलाओं के 63 किलोग्राम वर्ग में उन्नति शर्मा ने दक्षिण अफ्रीका की स्काई नोस्टर को केवल 1 मिनट 7 सेकंड में इप्पोन से हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया। यह जूडो में भारत का चौथा पदक रहा।

इससे पहले हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग और अस्मिता डे ने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीते थे, जबकि यामिनी मौर्या ने 57 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक हासिल किया। पैरा स्पोर्ट्स में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नया इतिहास लिखा।

पुरुषों की F57 पैरा शॉट पुट स्पर्धा में सोमण राणा ने 13.40 मीटर का थ्रो कर स्वर्ण पदक जीता, जबकि इसी स्पर्धा में शुभम जुयाल ने 13.28 मीटर के साथ रजत पदक हासिल किया। एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर एक नया कीर्तिमान बनाया।

वह कॉमनवेल्थ गेम्स के एक ही संस्करण में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय ट्रैक एंड फील्ड एथलीट बन गए। इससे पहले उन्होंने 10,000 मीटर स्पर्धा में रजत पदक जीता था। भारत की 28 सदस्यीय पैरा टीम ने इस बार कुल 7 पदक जीते, जिनमें 3 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य शामिल हैं।

इसके साथ ही भारतीय पैरा एथलेटिक्स टीम ने कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने का 20 वर्षों से चला आ रहा इंतजार भी समाप्त कर दिया। भारतीय खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन फाइनल मुकाबलों से पहले देश के लिए बड़ी उम्मीद और गर्व का कारण बना है।