जेल में बंद इमरान खान की हत्या की अफवाहों पर पाकिस्तान में तनाव, हजारों PTI के समर्थकों ने अडियाला जेल के बाहर किया हंगामा: हिरासत में ली गईं पूर्व PM की बहनें

अफगानी मीडिया पोर्टल अफगानिस्तान टाइम्स ने खबर प्रकाशित की कि पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और PTI के प्रमुख इमरान खान को जेल में ही मार दिया गया है। सोशल मीडिया पर इस खबर के वायरल होते ही PTI समर्थकों में हड़कंप मच गया। उन्होंने जेल के बाहर पहुँच कर विरोध प्रदर्शन किया। पाकिस्तानी सरकार ने इन दावों को नकारा है और कहा है कि इमरान खान जिंदा और सही सलामत हैं।

अफगानिस्तान टाइम्स ने 26 नवंबर 2025 को अपने ‘विश्वस्त सूत्रों’ के हवाले से खबर छाप कर दावा किया कि इमरान खान को अडियाला जेल में मार दिया गया है। इसमें लिखा गया कि 72 वर्षीय खान को जेल में इतनी यातना दी गई कि उनकी मौत हो गई और उन्हें जेल से बाहर ले जाया गया है।

इमरान ख़ान की बहनों, अलीमा और नूरीन को लगातार दूसरी बार जेल में उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई। परिवार का आरोप है कि उन्हें गैरकानूनी तरीके से अलग-थलग रखा गया है और ‘डेथ सेल’ में बंद किया गया है। ये सेल आमतौर पर आतंकवादियों के लिए इस्तेमाल होता है। अलीमा खान का कहना है कि इस तरह की कैद से उनकी सेहत के लिए गंभीर परेशानी हो सकती है।

25 नवंबर 2025 की रात पीटीआई समर्थकों ने अडियाला जेल के बाहर धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने ‘आजादी’ के नारे लगाए, मीडिया ब्लैकआउट की निंदा की और इमरान खान की रिहाई की माँग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार की उदासीनता और अत्याचार अब असहनीय हो चुके हैं।

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने इमरान खान की मौत की अफवाह को ‘सिनिस्टर साइ-ऑप’ करार दिया। पार्टी नेताओं का कहना है कि इमरान खान को बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा गया है और उन्हें आतंकवादी जैसा व्यवहार झेलना पड़ रहा है। उनकी सेहत बिगड़ रही है और परिवार को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा।

इमरान खान की बहनों पर भी इस दौरान कार्रवाई की गई। उनका बहनों ने पंजाब पुलिस प्रमुख उस्मान अनवर को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध के दौरान उनके साथ हिंसा और दुर्व्यवहार हुआ। उन्होंने कहा कि पुलिस ने लाइटें बंद कर दीं, मीडिया को बाहर रखा और उन्हें जबरदस्ती खींचकर हटाया गया।

पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं। उनकी गिरफ्तारी नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो ने अल-कादिर ट्रस्ट मामले में कथित भ्रष्टाचार के मामले में की थी।

उन पर आरोप है कि इमरान खान ने ट्रस्ट के नाम पर रियल एस्टेट टायकून मलिक रियाज हुसैन से 60 एकड़ जमीन दान में ली। इससे स्टेट को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था। जनवरी 2025 में अदालत ने इमरान खान को 14 साल की सजा सुनाई थी जबकि उनकी पत्नी बुशरा बीवी को 7 साल की सजा सुनाई गई थी।